
गणवेश योजना की कपड़ा खरीद टेंडर प्रक्रिया से लाभान्वित गुजरात के व्यापारी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Feb 19, 2024
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टेंडर रद्द करने की मांग -- सपा विधायक रईस शेख
भिवंडी।। महाराष्ट्र में स्थानीय स्व-सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को वर्दी वितरित करने के लिए राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र के तहत महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद द्वारा 138 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। गुजरात व राजस्थान के कपड़ा व्यापारियों लाभ पहुँचाने के लिए यह टेंडर निकाला गया है। इस प्रकार का आरोप सपा विधायक रईस शेख ने लगाया है। इसके साथ इस टेंडर की प्रक्रिया रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मांग की है।
विधायक शेख ने बताया कि राज्य के स्थानीय निकायों के स्कूलों में इस शैक्षणिक वर्ष में 40 लाख 60 हजार छात्रों के लिए मुफ्त वर्दी योजना के लिए कपड़े की खरीद के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद की ओर से 138 करोड़ रुपये की निविदा प्रकाशित की गई है। समाजवादी पार्टी के भिवंडी विधायक रईस शेख ने आरोप लगाया है कि यह टेंडर में शर्ते लगाकर गुजरात व राजस्थान के कपड़ा व्यापारियों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई है। विधायक शेख ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मांग की है कि उक्त टेंडर प्रक्रिया को रद्द किया जाए और कपड़े की खरीद महाराष्ट्र राज्य मशीनरी निगम के माध्यम से की जायें ।
इस योजना के लिए 1 करोड़ 20 लाख मीटर कपड़ा खरीदा जाना है। देश के 13 लाख करघों में से आधे महाराष्ट्र में हैं और उनमें से ज्यादातर भिवंडी में हैं। फिर भी स्कूल शिक्षा विभाग गुजरात व राजस्थान के कपड़ा निर्माताओं से कपड़ा खरीदना चाहता है। इस योजना के लिए महाराष्ट्र के कपडा निर्माताओं के दूर रहने के शर्तें रखी गई है। टेंडर में कपड़ा निर्माता जो कपड़ा खरीद की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं उनकी उत्पादकता एक लाख मीटर प्रतिदिन होनी चाहिए, यदि टर्नओवर तीन साल में समान होना चाहिए, तो एक बार की आपूर्ति कम से कम 60 लाख मीटर होनी चाहिए। इस प्रकार की शर्ते लगाने से राज्य के कपडा निर्माताओं को दूर रखने के लिए साजिश रची गई है। इस प्रकार का दावा विधायक रईस शेख ने किया है।
नि:शुल्क गणवेश के लिए निविदा प्रकाशित करने से पहले 2 फरवरी को शिक्षा परिषद के मुंबई कार्यालय में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में गुजरात और राजस्थान के व्यापारियों के साथ कुछ स्थानीय व्यापारी ही मौजूद थे। विधायक शेख ने आरोप लगाया है कि यह देखा गया है कि निविदा पहले से तय की गई है और तदनुसार योजना बनाई गई है। विधायक रईस शेख ने मांग की है कि निविदा प्रक्रिया जिसमें राज्य के हथकरघा धारकों को छोड़कर राज्य के बाहर के कपड़ा उत्पादकों की सुविधा की शर्त रखी गई है। इसलिए यह टेंडर रद्द की जाये और मुफ्त वर्दी योजना के लिए कपड़ा खरीदने के लिए महाराष्ट्र राज्य हथकरघा निगम को नोडल एजेंसी नियुक्त किया जाए। राज्य में 13 लाख हथकरघा धारक हैं। इसमें 35 लाख रोजगार हैं और करघा क्षेत्र कृषि के बाद राज्य में सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है।कपड़ा विभाग ने हाल ही में वर्ष 2023 के लिए नई कपड़ा नीति की घोषणा की है। विधायक शेख ने पत्र में याद दिलाया है कि सरकार ने करघा क्षेत्र को अवसर देने की गारंटी दी है।
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