सरकारी भूखंड पर कब्जा कर पालिका अधिकारियों के सहयोग से बनी अवैध इमारत ? शून्य कार्रवाई

भिवंडी।। भिवंडी निज़ामपुर शहर महानगर पालिका के सीमा क्षेत्र अंर्तगत लगभग 150 अवैध इमारतें निर्माणाधीन अवस्था में है।निर्माणाधीन अवैध इमारतें पर कार्रवाई ना होना पालिका अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह निर्माण करता है। शहर में आदर्श आचार संहिता लागू है। चुनावी ड्यूटी का बहाना बताकर पालिका प्रशासन में कार्यरत अधिकारी ऐसे अवैध इमारतों का संरक्षण कर रहे है। पालिका अधिकारियों पर इस प्रकार का आरोप कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और दक्ष नागरिकों ने लगाया है। 

पालिका के प्रभाग समिति क्रमांक एक अंर्तगत डंपिंग ग्राउड के पास सर्वे नंबर 132/8 जो सरकारी भूखंड है। इस भूखंड पर कुछ माह पूर्व कब्जा कर स्थानीय बिल्डर ने दों मंजिला अवैध इमारत का निर्माण कार्य  शुरू किया था। देखते देखते जिसका  निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। पांच से छह महिना में बनी इस इमारत में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, स्थानिकों की माने इस अवैध इमारत में स्कूल खोला जायेगा। जिसमें छोटे छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे। तज्ञ इंजिनियरों के अनुसार निर्माण ना होना और घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर बनाई गई यह इमारत कभी भी धराशायी हो सकती है। जिसके कारण बड़ा हादसा होने से इनकार नही किया जा सकता है। 

पालिका सुत्रों की माने उक्त जमीन पर इमारत बनाने  संबंधी किसी प्रकार की अनुमति पालिका प्रशासन ने नहीं दी है।जमीन मालिक व बिल्डर ने पालिका के भष्ट्र अधिकारियों से सांठगांठ कर इमारत का निर्माण कार्य किया है। जिसके कारण पालिका के राजस्व उत्पन्न में लगभग 50 लाख का आर्थिक नुकसान पहुंचा है। वही पर पालिका अधिकारी अपने आर्थिक फायदे के खातिर संपत्तियों पर बकाया टैक्स की वसूली और चुनावी ड्यूटी का बहाना कर शिकायत कर्ताओ की शिकायतें अनदेखा करते रहे और इमारता का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी महाराष्ट्र महानगर पालिका अधिनियम व महानगर पालिका नगर नियोजन अधिनियम के तहत कार्रवाई नही की बल्कि इस अवैध निर्माण पर 260 की नोटिस लगाकर बिल्डर व जमीन मालिक से उगाही करते रहे।

इस प्रभाग समिति में बांधकाम व्यवसायियों से वसूली करने के लिए काई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। वही पर बीट निरीक्षक पद पर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की नियुक्ति होने से दफ्तर के कामकाज पर भी असर पड़ता है हालांकि बीट निरीक्षक पद बिल्डिंग कम इंस्पेक्टर डिप्लोमा डिग्री धारक कर्मचारियों के लिए है, जिन्हें तांत्रिक जानकारी का ज्ञान होता है। किन्तु इस पद पर चतुर्थ दर्जे के कर्मचारी की नियुक्ति होना पालिका के बड़े अधिकारियों के कार्य शैली पर प्रश्न निर्माण करता है। दक्ष नागरिकों ने आरोप लगाया है कि अवैध बांधकाम व्यवसायियों से वसूली करवाने के लिए ऐसे कर्मचारियों की जानबूझकर नियुक्ति की जाती है।

रिपोर्टर

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