पांच साल बाद विधायक मोरे को आई नादुरुस्त सड़क की याद चुनावी दौरा शुरू !

भिवंडी। भिवंडी-वाडा-मनोर रोड की बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों के गुस्से के बीच विधायक शांताराम मोरे ने आखिरकार सड़क की दुर्दशा पर ध्यान दिया और अधिकारियों के साथ दौरा किया। 64 किलोमीटर लंबी यह सड़क जिसे 2019 में निजी ठेकेदार से सार्वजनिक बांधकाम विभाग को हस्तांतरित किया गया था खस्ताहाल हो चुकी है। इस सड़क के खराब हालत के कारण यात्री, छात्र और स्थानीय निवासी काफी परेशान हैं।लेकिन विधायक मोरे ने 9 साल 360 दिन बाद इसे संज्ञान लिया। जो उनके चुनावी दौरे का हिस्सा माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल सड़क मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन खड्डों से भरी यह सड़क जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों की लापरवाही और विभाग की अनदेखी के कारण यह सड़क खस्ताहाल है। विधायक मोरे ने अधिकारियों के साथ भिवंडी से वाडा के डाकीवली तक सड़क का निरीक्षण किया और मरम्मत के निर्देश दिए। लेकिन इस देरी ने जनता के बीच उनकी नीयत पर सवाल खड़े कर दिए है।

 विधायक मोरे ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस सड़क की समस्या उठाई थी, लेकिन सरकार ने काली सूची में डाले गए ठेकेदार को फिर से मरम्मत का काम सौंप दिया, जिससे काम में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने ठेकेदारों पर काम में ढिलाई का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 784 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। वहीं, सार्वजनिक बांधकाम विभाग ने दावा किया कि सड़क की मरम्मत के लिए 48 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, और काम जल्द ही पूरा किया जाएगा। उपअभियंता दत्तू गीते ने बताया कि बरसात के कारण काम में देरी हुई है, लेकिन अब मरम्मत का काम तेजी से हो रहा है। विधायक मोरे के इस अचानक दौरे को स्थानीय लोग आगामी चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं और उनके लंबे कार्यकाल के बावजूद सड़क की हालत में कोई सुधार न होने पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

रिपोर्टर

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