अमेरिका, युगांडा के वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और इंजीनियर्स ने मोहनपुर और कुंडलिया परियोजना का किया निरीक्षण
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- Jan 07, 2025
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राजगढ़ । टिकाऊ और लचीले जल अवसंरचना पर केंद्रित अमरीकन सोसायटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स और जल संसाधन विभाग द्वारा भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय 12 वा सम्मेलन के एक दिन पहले 45 सदस्यीय दल तकनीकी भ्रमण पर राजगढ़ पहुंचा। जिसमें अमेरिका और युगांडा के वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और इंजीनियर्स शामिल हुए। 12वीं अंतर्राष्ट्रीय जल और पर्यावरण सम्मेलन(आईपीडब्ल्यूई 2025 का शुभारंभ 08 जनवरी, 2025 बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होगा। इस तीन दिवसीय प्रतिष्ठित सम्मेलन का आयोजन अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स, एएससीई के पर्यावरण और जल संसाधन संस्थान, ईडब्लूआरआई और मध्य प्रदेश राज्य जल संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग एवं अंत्योदय प्रबोधन संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य विषय है "जलवायु परिवर्तन के अनुकूल सतत और मजबूत जल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है।
इस आयोजन में लगभग 125 शोध पत्रों की प्रस्तुति के साथ, विश्वभर से प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों,-निर्माताओं और शोधकर्ता भाग लेंगे। यह सम्मेलन जल और पर्यावरण से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर नवीनतम प्रगति और सहयोगात्मक समाधानों पर चर्चा करने का एक मंच है। इस सम्मेलन के शुरू होने से एक दिन पहले अमेरिकन प्रेसिडेंट और युगांडा से 45 सदस्यीय दल राजगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचा। सम्मेलन से पहले आयोजित फील्ड विजिट के दौरान दल सबसे पहले कुंडलिया डैम पहुंचा। जहां मुंडी पंप हाउस पर दाब युक्त सिंचाई प्रणाली को समझा। इस दौरान परियोजना प्रशासक और अधीक्षक यंत्री विकास राजोरिया ने संयुक्त दल के सामने मोहनपुरा कुंडलियां प्रोजेक्ट के निर्माण से लेकर किसान के खेत तक पहुंचने वाले सिंचाई के पानी के तरीके को बताया। साथ ही इस दौरान प्रोजेक्ट में आने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए इसके उपयोग से अवगत कराया। प्रोजेक्ट से जिन गांवों में पानी पहुंचा, वहां हुए सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बदलाव की स्थिति को भी प्रेजेंट किया गया। जहां दल में शामिल लोगों ने प्रोजेक्ट को लेकर सवाल किए, जिसका श्री राजोरिया ओर शुभंकर विश्वास ने जवाब दिया। इसके बाद दल मोहनपुरा के लगदरिया पंप हाउस पहुंचा, जहां प्रोजेक्ट के तहत डेम से पथरीले इलाके में किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचने के तरीके को जाना। इस दौरान जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, सीई श्री जीपी सिलावट, परियोजना प्रबंधक श्री संदीप दुबे, सहायक प्रबंधक श्री विपिन तिवारी, सुश्री नेहा भगत, श्री सुमित सिंह, श्री दिनेश खरबंदा, श्री मिलिंद मुरुड़कर सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
दल ने नवाचार को बताया अद्भुत
फील्ड विजिट के बाद श्री फ़िनोस्की पेरामेरा ने कहा कि बंजर जमीन में जीवन लाए हो आप। इस दौरान श्री कैरोल हेडॉक ने कहा कि अदभुत इंजीनियरिंग है जो लोगों के भविष्य के लिए बेहतर नवाचार साबित होगी। इसलिए आयोजित हो रहा सम्मेलन जल और पर्यावरण में अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य पर एएससीइ- ईडब्ल्यूआरआई सम्मेलन आयोजित हो रहा। जिसमें स्थायी और लचीला जल अवसंरचना का निर्माण और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने के साथ ही विकास के विभिन्न चरणों में राष्ट्रों के लिए प्रासंगिक जल अवसंरचना विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला का पता लगाने के लिए किया जा रहा है।
भोपाल में आयोजित हो रहा 12 वा सम्मेलनएएससीइ का पर्यावरण और जल संसाधन संस्थान (ईडब्ल्यूआरआई) अपने 26 हजार सदस्यों और जल और पर्यावरण पर सफल अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य (आईपीडब्ल्यूई) सम्मेलनों की परंपरा के साथ वैश्विक इंजीनियरों और वैज्ञानिकों का भोपाल में 12वें सत्र आयोजित किया जा रहा। जो टिकाऊ और लचीले जल अवसंरचना पर केंद्रित है।


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