भिवंडी में बेखौफ रेत माफिया: प्रशासनिक संरक्षण में अवैध खनन जारी

भिवंडी।  भिवंडी के कोनगांव से खारबांव तक रेत माफिया का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक दिखावे की कार्रवाई के बावजूद अवैध रेत खनन का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। ताजा मामले में भिवंडी तहसीलदार की टीम ने कोनगांव पुल के नजदीक छापा मारकर अवैध रूप से सेक्सन पंप द्वारा रेत निकालने वालों पर कार्रवाई की। कोनगांव तलाठी सूर्यकांत तानाजी पाटिल और उनकी टीम ने 28 फरवरी को दोपहर डेढ़ बजे छापेमारी की, जिसमें एक बड़ा बर्ज और रेत उठाने वाला सेक्सन पंप जब्त किया गया। कोनगांव पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 62 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3(2) के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केवल ऊपरी कार्रवाई है, क्योंकि अन्य स्थानों पर माफिया अभी भी बेधड़क रेत खनन कर रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि इस अवैध धंधे को प्रशासन और नेताओं का पूरा संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते हर बार कार्रवाई के बावजूद माफिया फिर सक्रिय हो जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, खाड़ी किनारे कई जगहों पर माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाते हैं और बिना किसी डर के रेत निकालते हैं। प्रशासन और पुलिस इन गतिविधियों पर आंखें मूंदे रहती है, जिससे माफिया को खुली छूट मिल जाती है। इस अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी चपत लग रही है। यदि प्रशासन और पुलिस इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाते हैं, तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

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