अवैध शराब ब्रिक्री को लेकर ज्ञापन
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Mar 17, 2025
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रोहतास। जिले के चेनारी थाना में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि गांवों में शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।जिस पर रोक लगाई जाए। जिसके ज्ञापन सौंपा गया है। जिला में अवैध शराब कारोबार पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जो वास्तव में प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद, अवैध शराब का धड़ल्ले से बिकना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं प्रशासन की कार्यशैली में ढिलाई है या मिलीभगत है।
अवैध शराब का कारोबार और प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है।शराब आखिर आती कहाँ से है? इसका सीधा जवाब यह है कि यह या तो दूसरे राज्यों से तस्करी कर लाई जाती है या फिर जिले में ही चोरी-छिपे बनाई जाती है।
सीमाओं पर सख्त चौकसी नहीं होने के कारण शराब माफिया इसे आसानी से जिले तक पहुँचा देते हैं।पुलिस और उत्पाद विभाग द्वारा समय-समय पर छापेमारी की जाती है, लेकिन यह कार्रवाई केवल औपचारिकता तक ही सीमित रहती है।
जब तक स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग की कड़ी निगरानी नहीं होगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
कई बार पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद ही कार्रवाई होती है, जबकि सक्रिय निगरानी की आवश्यकता है। गाँवों में चौकीदार और स्थानीय तंत्र की लापरवाही है। गाँवों में चौकीदारों की जिम्मेदारी है कि वे अवैध शराब की जानकारी प्रशासन को दें, लेकिन कई जगह चौकीदार ही इसमें शामिल पाए जाते हैं।
ग्रामीण जब खुद थाना जाकर शिकायत करते हैं, तब भी ठोस कार्रवाई नहीं होती।
महिलाओं द्वारा कई बार विरोध प्रदर्शन के बावजूद शराब माफिया बेखौफ कारोबार कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी – केवल सूचना मिलने पर नहीं, बल्कि नियमित गश्त और छापेमारी होनी चाहिए।चौकीदारों की जवाबदेही तय करनी होगी – अगर किसी गाँव में शराब बेची जा रही है, तो चौकीदार पर कार्रवाई होनी चाहिए।जनता की भागीदारी ज़रूरी – जिस तरह से देवडीहीं और अन्य गाँवों के लोग आगे आए हैं, यह सराहनीय है। लेकिन प्रशासन को भी इन शिकायतों पर ठोस कदम उठाने होंगे।सीमा पर कड़ी चौकसी करनी होगी।शराब तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सख्ती ज़रूरी है।जब तक प्रशासन और जनता मिलकर सख्ती से कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक शराबबंदी सिर्फ कागजों पर ही दिखेगी। "चौकीदार चोर है" जैसी स्थिति से बचने के लिए गाँव के चौकीदार से लेकर जिला प्रशासन तक सबको अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी।


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