
माॅ ने लिया खौफनाक फैसला, तीन मासूमों संग तोड़ दिया जीवन का बंधन
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- May 03, 2025
- 258 views
माॅ की ममता टूटी या हालात से हारी? तीन बेटियों संग फंदे पर झूल गई जिंदगी।
एक ही परिवार के 4 लोगों ने की सामूहिक खुदकुशी
भिवंडी। भिवंडी शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। कामतघर के फेने पाड़ा इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतकों में मां और उसकी तीन मासूम बेटियां शामिल हैं। यह मंजर इतना भयावह था कि जिसने भी सुना, उसके रोंगटे खड़े हो गए। घटना का खुलासा शनिवार की सुबह तब हुआ जब महिला का पति लालजी बनवारीलाल भारतीय, जो रात की ड्यूटी के बाद घर लौटा था, उसने घर का दरवाजा बंद पाया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो उसने खिड़की से झांका। भीतर जो दृश्य दिखा, उसने उसके होश उड़ा दिए — उसकी पत्नी और तीन बेटियां फंदे से झूल रही थीं। मृतकों की पहचान पुनिता लालजी भारतीय (32), और उसकी तीन बेटियां नंदनी (12), नेहा (07) और अन्नू (4) के रूप में हुई है। पड़ोसियों के अनुसार यह परिवार पिछले दो वर्षों से इसी इलाके में किराए पर रह रहा था। पति पॉवरलूम में मजदूरी करता है और घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी।
घटना की सूचना मिलते ही भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन से टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कृष्णदेव खराडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला ने अपनी तीन बच्चियों के साथ फांसी लगाई है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। सुसाइड नोट अब तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पति से भी पूछताछ की जा रही है ताकि इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह साफ हो सके। इस हृदयविदारक घटना के बाद फेने पाड़ा इलाके में मातम पसरा हुआ है। लोगों की आंखों में आंसू हैं और जुबान पर एक ही सवाल — "एक मां आखिर इतनी मजबूर कैसे हो सकती है कि उसे अपनी बच्चियों संग मौत को गले लगाना पड़ा?"
रिपोर्टर