पटवारी को निंलबन का नोटिस, तहसीलदार सुठालिया व पचोर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

राजगढ़ । जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान हेतु कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम की अभिनव पहल शुरू की गई है। यह कार्यक्रम प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई से पूर्व आयोजित किया जाता है। इसमें विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और शिकायतकर्ता आमने-सामने बैठकर शिकायतों का समाधान करते हैं। इस सप्ताह राजस्‍व विभाग से संबंधित 5 शिकायतों की समीक्षा की गई है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा स्वयं प्रत्येक शिकायत को व्यक्तिगत रूप से सुन कर मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।  

यह पहल न केवल अधिकारियों में जवाबदेही स्थापित कर रही है, बल्कि आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित कर रही है। ‘संवाद से समाधान’ ने आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत किया है। मंगलवार को आयोजित संवाद से समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ता श्री दुर्गाप्रसाद वर्मा द्वारा बताया गया कि आवेदक शम्‍भुलाल पिता धन्‍नाजी ने दो वर्ष पूर्व अभिलेख दुरस्‍ती के लिए आवेदन किया था, परन्‍तु आज दिनांक तक उनके अभिलेख में सुधार नहीं किया गया। जिससे आवेदक को काफी समस्‍या हो रही हैं। कलेक्‍टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राजगढ़ से चर्चा की। चर्चा में बताया गया कि उक्‍त प्रकरण अपील में हैं। उक्‍त सर्वे नंबर का खसरा नहीं होने से जांच में समस्‍या आ रही है। कलेक्‍टर ने एक माह में प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता श्री चैनसिंह द्वारा बताया गया कि ग्राम सींगापुरा नेठाठरी तहसील सुठालिया में कुल रकबा उनका 8 बीघा भूमि है। सात माह पूर्व तहसील कार्यालय में आवेदन किया था, परन्‍तु आज दिनांक तक खसरे में नकल आनलाईन अपडेशन नहीं की गई हैं। कलेक्‍टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए हल्‍का पटवारी को निलंबन का नोटिस रीडर तहसील सुठालिया, तहसीलदार सुठालिया में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता श्री अनुप सिंह द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा नामांतरण का 25 मार्च 2025 को आवेदन किया गया था, लेकिन आज दिनांक तक उनका नामांतरण नहीं किया गया। शिकायत की जांच में एसडीएम सारंगपुर द्वारा बताया गया कि उक्‍त कॉलोनी अवैध हैं। कलेक्‍टर ने शिकायतकर्ता को पुन: अपील करने की बात कही। साथ ही तहसीलदार पचोर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता श्री विष्‍णु खटीक द्वारा बताया गया कि खसरा नंबर 659/4/2 में उनकी कुल भुमि एक बीघा हैं। आवेदक का कहना है कि उनकी जमीन का सीमांकन नहीं किया जा रहा हैं। जिससे उन्‍हे काफी समस्‍या हो रही हैं। शिकायत की जांच में नायब तहसीलदार कुरावर द्वारा बताया गया कि उक्‍त भूमि पटटा की हैं। पिछले 10 वर्षो से भूमि पर किसी अन्‍य व्‍यक्ति का कब्‍जा हैं। कलेक्‍टर ने आवेदक का पुराना पटटा खारीज कर किसी अन्‍य जगह / जगह देने के निर्देश दिए।

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