पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट व उत्पीड़न का आरोप एक ही दिन में दो मामले दर्ज

भिवंडी । भिवंडी में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न के दो गंभीर मामले सामने आए हैं। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर शारीरिक शोषण, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पहला मामला भिवंडी के पद्मानगर इलाके का है, जहां अनीता राजपाल खरात नामक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, 10 जुलाई की रात करीब 7:45 बजे उसके पति राजपाल विलास खरात ने सास कमला खरात, ससुर विलास कोंडिबा खरात, देवर जय पाल खरात और जयविलास खरात के साथ मिलकर उसे गाली-गलौज करते हुए मारपीट की.शिकायत में पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी और उस पर मायके से पैसे लाने का दबाव बनाया जा रहा था। जब उसने इनकार किया, तो उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता का आरोप है कि यह सिर्फ एक घरेलू विवाद नहीं बल्कि लम्बे समय से चली आ रही प्रताड़ना है, जिससे उसका मानसिक संतुलन भी प्रभावित होने लगा है।भिवंडी शहर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115(2), 352, 351 और दहेज व घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 3, 4 के तहत मामला दर्ज किया है।

दूसरी घटना रामनगर इलाके की है, जहां 29 वर्षीय महिला सुप्रिया रत्नाकर त्रिपाठी ने अपने पति रत्नकर श्याम नारायण त्रिपाठी और ससुराल के अन्य पांच लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि शादी वर्ष 2021 में हुई थी, लेकिन विवाह के बाद से ही पति रत्नकर सहित ससुर श्याम नारायण त्रिपाठी, सास उर्मिला त्रिपाठी, ननद निष्ठा त्रिपाठी, पूजा त्रिपाठी और नंदोई संतोष त्रिपाठी ने दहेज की मांग को लेकर मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी.शिकायत में कहा गया है कि जब उसने दहेज देने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस मामले में शांतिनगर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इन दोनों घटनाओं ने शहर में घरेलू हिंसा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला संगठनों ने प्रशासन से इन मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा देने की मांग की है।

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