आजमगढ़ के भावी प्रधान का भिवंडी से जुड़ा काला कारोबार

नकली अमूल बटर फैक्ट्री का मास्टरमाइंड कौन, शहर में चर्चा तेज


भिवंडी। भिवंडी के काशिमपुरा स्थित भुसावल कंपाउंड में कुछ दिन पहले एफडीए और शांतिनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर एक नकली अमूल बटर बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में दो युवक, जिशान मुख्तार अंसारी और मोहम्मद मुदश्शिर अकरम अंसारी को मौके से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी मजदूर वर्ग के प्रतीत हो रहे थे और खुद को गरीब बताकर बचाव की कोशिश कर रहे थे।लेकिन इस मामले की तह में जाने पर शहर में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। लोगों का कहना है कि ये दोनों युवक केवल मोहरे हैं और असली मास्टरमाइंड कोई और है, जो पर्दे के पीछे से इस पूरे काले कारोबार को चला रहा है। इससे पहले भी भिवंडी में नकली अमूल बटर से जुड़ा मामला सामने आ चुका है, जिसमें कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन वे आरोपी जमानत पर रिहा हो गए और फिर से इसी धंधे में सक्रिय हो गए। यदि शांतिनगर पुलिस और एफडीए अधिकारी पुराने मामलों की गंभीरता से जांच करें तो नकली बटर के इस गोरखधंधे का पूरा सिंडिकेट उजागर हो सकता है।

सूत्रों की मानें तो यह पूरा नेटवर्क भिवंडी के शानदार मार्केट, मिल्लत नगर और पड़गा फार्म हाउस जैसे क्षेत्रों से संचालित हो रहा है। इस सिंडिकेट का कथित मास्टरमाइंड आजमगढ़ जिले के एक गांव का रहने वाला है, जिसे लोग वहां भावी प्रधान के रूप में जानते हैं। शहर में चर्चा है कि इस व्यक्ति ने नकली बटर के कारोबार से अकूत संपत्ति बना ली है। भिवंडी शहर और ग्रामीण इलाकों में उसके नाम पर कई फार्म हाउस, आलीशान मकान और महंगी गाड़ियां हैं।स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस नकली बटर की सप्लाई भिवंडी तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे मुंबई, ठाणे और दूसरे जिलों में भी भेजा जा रहा था। कारोबार का दायरा बड़ा है और इसमें कई सफेदपोशों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर चल रही नकली फैक्ट्री पर पहले कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह एक गंभीर सवाल है। क्या इसे जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा था, या फिर कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह कारोबार फलता-फूलता रहा?फिलहाल गिरफ्तार दोनों युवकों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। शहर के बाजारों और गलियों में अब यही चर्चा है कि क्या आजमगढ़ का भावी प्रधान ही नकली अमूल बटर कांड का मास्टरमाइंड है, या फिर कोई और चेहरा अब तक पर्दे के पीछे है। जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

रिपोर्टर

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