
भिवंडी में गणेशोत्सव से पहले "गड्ढों" और "ट्रैफिक" ने बढ़ाई भक्तों की परेशानी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 17, 2025
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भिवंडी। गणेशोत्सव का आगाज़ नजदीक है और सार्वजनिक मंडलों व घरों में गणपति बप्पा की स्थापना के लिए मूर्तियां लाने का सिलसिला जोरों पर है। मगर भिवंडी की जर्जर सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों ने भक्तों की राह मुश्किल कर दी है। मूर्तियों को लाते समय वाहनों को बार-बार झटके लगने से क्षति का खतरा बढ़ गया है, वहीं शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है।
कई महीनों से लगातार हो रही बारिश ने शहर की ज्यादातर सड़कों को खस्ताहाल बना दिया है। एक-एक फुट गहरे गड्ढों के चलते वाहन चलाना दुश्वार हो गया है। ऐसे में गणेश भक्त जब मुंबई, ठाणे और कल्याण से मूर्तियां लेकर आ रहे हैं, तो उन्हें घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। महज़ पांच मिनट की दूरी तय करने में लोगों को कई बार एक-एक घंटे तक का समय लग रहा है। भक्तों की चिंता है कि कहीं रास्ते में गड्ढों की वजह से कोई अनहोनी न हो जाए।
इस लापरवाही पर मनपा प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा चरम पर है। सांसद सुरेश म्हात्रे, गणेशोत्सव महामंडल और अन्य सामाजिक संगठनों ने बार-बार सड़क दुरुस्ती की मांग की थी। पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे ने भी मनपा के साथ हुई बैठक में गणेशोत्सव से पहले गड्ढे भरने पर जोर दिया था। उस दौरान मनपा प्रशासन ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब बप्पा का आगमन शुरू हो चुका है और हालात जस के तस हैं।
हर प्रभाग को मिला 35 लाख का बजट
मनपा के अतिरिक्त शहर अभियंता सचिन नाईक ने सफाई दी कि लगातार बारिश के कारण सड़कों के गड्ढों को डामर से भरना संभव नहीं है। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर खड़ी व ग्रीट से गड्ढे भरने का अस्थायी उपाय किया गया था, मगर तेज बारिश ने यह काम भी बेकार कर दिया। उन्होंने बताया कि शहर के पांचों प्रभागों को अपने-अपने इलाके में गड्ढे भरने के लिए 35-35 लाख रुपये दिए गए हैं और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। फिलहाल, शहरवासी यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन गणेशोत्सव की भीड़भाड़ बढ़ने से पहले सड़कों की स्थिति सुधारने के ठोस कदम उठाएगा, ताकि बप्पा के स्वागत में कोई विघ्न न आए।
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