रिश्वत कांड में फंसे कर्मचारियों को फिर क्या मिलेगी जिम्मेदारी !
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Sep 08, 2025
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पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
भिवंडी। भिवंडी निज़ामपुर शहर महानगरपालिका में एक बार फिर गंभीर चर्चा छिड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, जिन कर्मचारियों को पूर्व में रिश्वतखोरी मामलों में पकड़ा गया था, उन्हीं को अब पुनः प्रभाग समितियों की जिम्मेदारी सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारियों को जल्द ही प्रभाग सहायक आयुक्त का पद दिया जा सकता है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कदम मनपा प्रशासन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों पर सवाल खड़े करता है। भ्रष्टाचार में पकड़े गए कर्मचारियों को दोबारा जिम्मेदारी सौंपना ईमानदार कर्मचारियों के साथ अन्याय है। नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब एक ओर न्यायालय और आयुक्त स्तर से अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के आदेश दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं कर्मचारियों को फिर से महत्वपूर्ण पद पर बैठाना व्यवस्था को संदेह के घेरे में डालता है।
भिवंडी में अवैध इमारतों और नियमों की अनदेखी लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। प्रभाग सहायक आयुक्त का पद सीधे तौर पर अवैध बांधकाम और उससे जुड़ी वसूली पर नियंत्रण रखता है। ऐसे में यदि रिश्वत कांड में फंसे कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई तो अवैध निर्माण को और बढ़ावा मिलना तय माना जा रहा है। पूर्व में एसीबी ने मनपा के कई कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। इसके बावजूद उन्हीं पर दोबारा भरोसा जताना कहीं न कहीं पुराने खेल को नया संरक्षण देने जैसा माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिन कर्मचारियों पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उनकी पूरी जांच कराई जाए और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिम्मेदारी उन्हीं लोगों को दी जानी चाहिए जिनकी छवि साफ और कार्यप्रणाली पारदर्शी हो।


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