भिवंडी में त्योहारों की आड़ में ‘दना-दन’ अवैध इमारतों पर लगे स्लैब, 150 से अधिक निर्माणाधीन इमारतें !

भिवंडी। भिवंडी-निज़ामपुर शहर महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण का धंधा इन दिनों चरम पर है। हाईकोर्ट और मनपा आयुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद प्रभाग अधिकारियों और बीट निरीक्षकों की मिलीभगत से शहर में खुलेआम अवैध इमारतों पर स्लैब डाले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में करीब 150 इमारतें अवैध रूप से निर्माणाधीन हैं और सिर्फ पिछले दस दिनों में ही दर्जनों इमारतों पर ‘दना-दन’ स्लैब मार दिए गए।आयुक्त अनमोल सागर ने अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक प्रभाग समिति में दो बीट निरीक्षकों की नियुक्ति की थी.लेकिन इन निरीक्षकों ने इलाके को आपस में बांटकर बिल्डरों से वसूली का खेल शुरू कर दिया। तय रकम चुकाने के बाद बिल्डरों को निर्माण की खुली छूट दे दी जाती है। सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक स्लैब पर फुट के हिसाब से दरें तय होती हैं। रकम पहुँचाने की जिम्मेदारी स्थानीय पूर्व नगरसेवक और निजी इंजीनियरों पर होती है।

जानकारी के मुताबिक, पिछले दस दिनों में प्रभाग समिति क्रमांक 1 में 10, प्रभाग समिति 2 में 12, प्रभाग समिति 3 में 10, प्रभाग समिति 4 में 9 और प्रभाग समिति 5 में करीब 6 इमारतों का स्लैब डाला गया। खास बात यह है कि ये स्लैब शनिवार-रविवार या त्योहारों के दिन ही डाले जाते हैं ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। अवैध निर्माण का यह खेल नया नहीं है। पहले भी कई अधिकारी और कर्मचारी बिल्डरों से उगाही करते हुए ए.सी.बी. की गिरफ्त में आ चुके हैं। अब भी आरोप है कि सहायक आयुक्त मोटी रकम लेकर इमारत पूरी होने के बाद ही डीपीएल पूरा करते हैं। सूत्रों का दावा है कि सहायक आयुक्त का पद पाने के लिए लाखों रुपये की रिश्वत दी जाती है और हर महीने अधिकारियों का “रिचार्ज” किया जाता है। भिवंडी के नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जब न्यायालय और आयुक्त के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर आखिर कार्रवाई होगी।

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