भिवंडी पालिका परिसीमा में नहीं थम रहा अवैध इमारतों का निर्माण

भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगर पालिका प्रशासन पर अवैध इमारतों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। हाल ही में पालिका आयुक्त की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया था कि वर्ष 2022 से अब तक केवल 291 अवैध इमारतों का निर्माण हुआ है। मगर शहर की हकीकत इस बयान से बिल्कुल अलग है। भिवंडी में 501 से अधिक अवैध गगनचुंबी इमारतें खड़ी हो चुकी हैं।

सूत्रों का कहना है कि इन अवैध इमारतों को पूर्व नगरसेवकों और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नगर रचना अधिनियम और पालिका अधिनियम सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह गए है। शहर के लगभग हर प्रभाग में अवैध निर्माण तेज़ी से जारी है। मेट्रो होटल के पीछे पिछले दो वर्षों में 5 से 7 इमारतें खड़ी हो चुकी हैं, जिनमें कुछ अभी भी निर्माणाधीन है। गैबीनगर में सात इमारतों पर काम चल रहा है, वहीं पद्मानगर और शास्त्रीनगर क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक अधूरी इमारतें मौजूद हैं। नालापार और दरगाह क्षेत्र में भी लगभग 12 इमारतों का निर्माण जारी है। हाल ही में सहायक आयुक्तों ने अपने-अपने क्षेत्र में एक मंजिला इमारत तोड़ने की कार्रवाई का दिखावा किया था, लेकिन यह कदम ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। आयुक्त अनमोल सागर ने आदेश दिया था कि हर सप्ताह कम से कम एक अवैध इमारत पूरी तरह गिराई जाए और इसके लिए दो-दो बीट निरीक्षकों की नियुक्ति भी की गई थी। इसके बावजूद बिल्डरों ने खुलेआम दिनदहाड़े काम शुरू कर दिया।जानकारी के अनुसार, अवैध इमारतों से भारी भरकम वसूली होती है जो सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। यही कारण है कि बिल्डरों की मशीनों पर कार्रवाई का हथौड़ा कभी नहीं चलता। शहर में खड़ी ये अवैध इमारतें न केवल कानून व्यवस्था का मखौल उड़ाती हैं, बल्कि भिवंडी की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी हैं।

रिपोर्टर

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