ढाबों पर सख्ती की तैयारी, सरकारी विभाग जल्द करेंगे कार्रवाई

भिवंडी। शहर व आसपास में तेजी से बढ़ रहे “ढाबा कल्चर” को लेकर अब प्रशासन सतर्क हो गया है। भिवंडी, जो मुंबई के नजदीक होने के कारण युवाओं की पसंदीदा जगहों में गिना जाता है, यहां बड़ी संख्या में ढाबे संचालित हो रहे हैं। हाल के वर्षों में कई ढाबों पर गैरकानूनी गतिविधियों के चलते पुलिस और सरकारी विभागों की कार्रवाई भी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, अब सरकार और फूड कंट्रोल विभाग इन ढाबों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में हैं। कारण यह बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता अत्यंत खराब है, जिससे लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। सरकार को प्रतिदिन इस संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं कि जनता को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिले। इसी उद्देश्य से नए नियम लागू करने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिससे ढाबा व्यवसाय को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।जानकारों का कहना है कि अब तक कई ढाबे बिना उचित अनुमति या निर्धारित दिशा-निर्देशों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। ऐसे में भविष्य में उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की संभावना है।स्थानीय नागरिकों की शिकायतें लगातार बढ़ने के कारण भी प्रशासन की नजर इन प्रतिष्ठानों पर टिक गई है। वहीं, ढाबा संचालक यह भी बताते हैं कि वे आए दिन छोटे डिजिटल चैनलों, कुछ आरटीआई कार्यकर्ताओं और तथाकथित मानवाधिकार संगठनों के दबाव का सामना करते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे एक साझा मंच बनाकर काम करें, जिससे अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके और वे अपने व्यवसाय को कानूनी दायरे में रहकर सुचारु रूप से चला सकें।भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में संचालित ढाबों पर आने वाले दिनों में सरकारी कार्रवाई की संभावना से यह क्षेत्र फिर चर्चा में है। अब देखना यह होगा कि नए नियमों के लागू होने के बाद इस कारोबार में कितनी पारदर्शिता और सुधार देखने को मिलता है।

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