हरे पेड़ की अवैध कटाई कि सूचना पर पहुंची प्रशासन द्वारा एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर साइकिल व कुल्हाड़ी को किया गया जप्त

अनुमंडल संवाददाता सिगासन सिंह यादव की रिपोर्ट 

भभुआं(कैमूर)-- अनुमंडल के भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र में नहर किनारे लगे हरे पेड़ों की अवैध कटाई कि  गुप्त सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है।

 भगवानपुर सोन नहर का पक्कीकरण कार्य इन दिनों तेज़ी से चल रहा है। इस निर्माण कार्य के बीच स्थानीय स्तर पर नहर किनारे लगे हरे-भरे पेड़ों पर कुछ लोगों की नज़र पड़ गई। पिछले कई दिनों से इन पेड़ों को लूटपाट की तरह काटकर ले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी दौरान वन विभाग को एक गुप्त सूचना मिली कि नहर किनारे फिर से पेड़ों की कटाई की जा रही है।

सूचना मिलते ही फॉरेस्टर  टोरी प्रतिभा भारती एवं मुंडेश्वरी फॉरेस्टर विनीत कुमार सहित पूरी टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। टीम के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हरे पेड़ काट रहे कई लोगों ने पुलिस और वन विभाग की गाड़ियों को आते देख मौके से भागने की कोशिश की।

 हम इस समय भगवानपुर सोन नहर के किनारे मौजूद हैं, जहां कुछ समय पहले तक अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही थी। वन विभाग के अचानक पहुंचने पर कई लोग भाग निकले, लेकिन एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम मुनीब कुमार, पिता रोहित प्रसाद, ग्राम शाहपुर बताया गया है।

मौके से वन विभाग की टीम ने एक साइकिल और चार टांगी (कुल्हाड़ी) बरामद की है। पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए मुनीब कुमार से बॉन्ड भरवाकर उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन घटना में शामिल अन्य तीन–चार लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहर का पक्कीकरण कार्य जारी है, जिसके चलते पेड़ आसानी से निशाने पर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार पेड़ काटे जाने का प्रयास पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

हमें गुप्त सूचना मिली थी कि यहां पेड़ काटने का काम लगातार चल रहा है। टीम के साथ पहुंचने पर कुछ लोग भाग गए, एक को गिरफ्तार किया गया है। आगे और लोगों पर कार्रवाई जारी है। पेड़ों की अवैध कटाई किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और सतर्कता दोनों बढ़ गई है। वन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नहर पक्कीकरण कार्य के दौरान पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल टीम अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

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