भिवंडी पालिका के 22 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेन्शन अटकी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Nov 30, 2025
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भविष्य निधि विभाग की उदासीनता से बढ़ी परेशानी, तीन महीने पहले नोटिस के बावजूद फाइलें तैयार नहीं
अधिकारी गायब और लिपिक दोहरी ड्यूटी में व्यस्त
भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगर पालिका के भविष्य निवार्ह निधि विभाग में चल रही लापरवाह कार्यप्रणाली के कारण अगस्त 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए 22 अधिकारी और कर्मचारी अभी तक अपनी पेन्शन और भविष्य निर्वाह निधि की मूल राशि से वंचित हैं। इसी अवधि में रिटायर हुए कुछ अधिकारियों को समय पर पेन्शन और निधि दोनों मिली हैं, जिससे विभाग में असमानता और अनियमितता के आरोप गंभीर रूप से उभरकर सामने आए हैं।
गौरतलब हो कि 31अगस्त 2025 को पालिका कर्मचारी बालाराम कोडू जाधव, महेन्द्र सुकिर गायकवाड़, सोहेल अहमद मोहम्मद युसुफ मोमिन, राधका कृष्णा शेलार, शंकर कृष्णा लोहार, जगदीश जयराम तरे, सिं्दू लक्ष्मण चव्हाण, संजय लक्ष्मण वाघचौरे, बवन शंकर वाणी, शोभा दशरथ जाधव और 30 सितंबर 2025 को अश्विनी अनिल पांडव, संतोष कृष्णा भोईर,विजय पुडंलिक पवार, प्रल्हाद सीतारमा भगत तथा 31 अगस्त 2025 को प्रकाश गोपाल काठवले, जगदीश जयराम तरे, शंकर कृष्णा लोहार, प्रकाश चंद्रया कदम, कालुबाई दुंधाराम धनगर, श्रीकांत विनायक वनगे, गणेश मगन चौधरी और सुधीर काशीनाथ मोरे पालिका की सेवा से सेवानिवृत्त हुए है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि विभाग प्रमुख कई महीनों से कार्यालय में मौजूद ही नहीं रहते। दूसरी ओर संबंधित लिपिक बताते हैं कि उन पर दो अलग-अलग विभागों का चार्ज हैं, इसलिए उन्हें अधिकतर समय हेड ऑफिस के कार्यालय में बैठना पड़ता है। लेकिन जब कर्मचारी वहां पहुंचते हैं, तो हेड आर्फिस कार्यालय में भी उनकी मुलाकात नहीं हो पाती, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
भविष्य निधि शाखा के कर्मचारियों से जब लगातार हो रही देरी का कारण पूछा गया, तो उनका जवाब था कि फाइलें हेड ऑफिस भेज दी गई हैं और उन्हें ई-ऑफिस के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश मिले हैं। जबकि सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों की फाइलें समय पर तैयार नहीं होतीं। आरोप यह भी है कि वरिष्ठ अधिकारियों की फाइलें तुरंत निपटाई जाती हैं, जबकि सफाई कर्मियों और कनिष्ठ कर्मचारियों के मामले महीनों तक लंबित पड़े रहते हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि विभाग में न जवाबदेही दिखाई देती है और न ही किसी तरह की निगरानी। लंबित प्रकरणों के बावजूद किसी अधिकारी या लिपिक के खिलाफ कार्रवाई न होने से असंतोष बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी लंबित पेन्शन और भविष्य निधि मामलों का तुरंत निपटारा किया जाए और जिम्मेदारों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।


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