डीएम ने पराली नहीं जलाने को लेकर की बैठक
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Dec 03, 2025
- 99 views
रोहतास ।जिला पदाधिकारी, रोहतास उदिता सिंह की अध्यक्षता में शेरशाह अभियंत्रण महाविद्यालय, करगहर में फसल अवशेष प्रबंधन पर बैठक की गयी। जिसमें जिलास्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडलस्तरीय पदाधिकारी, प्रखण्डस्तरीय पदाधिकारी संबंधित कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, कृषि वैज्ञानिक, सभी पंचायतों के मुखिया एवं पैक्स अध्यक्ष तथा जनप्रतिनिधियों सहित अनुमंडलस्तर पर विभिन्न पचायतों से आये हुए किसानों की उपस्थिति में फसल अवशेष को जलानें से फसलों तथा मानव के स्वास्थ्य पर होनेवाले दुष्प्रभाव के रोक हेतु जिला स्तर पर सुझाव लिया गया। बैठक में जिलाधिकारी, रोहतास द्वारा बताया गया कि हरियाणा और पंजाब तथा दिल्ली जैसे राज्यों की तरह पर्यावरण को दुषित होने से पहले रोहतास जिला को बचाने हेतु आवश्यक कदम उठाना है। जिला पदाधिकारी, रोहतास द्वारा किसानों से अनुरोध किया गया कि हम सभी मिलकर जिले की उपजाऊ मिट्टी को बंजर होने से बचाने की दिशा में कार्य करेंगे। जिससे आने वाली युवा पीढ़ी को स्वस्थ्य एवं उपजाऊ भूमि उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र से जोड़ा जाय तथा फसल की उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाया जा सकें। उप निदेशक, (कृषि अभियंत्रण) रोहतास द्वारा उपस्थिति सभी किसानों को फसल अवशेष को खेतों में जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव एवं उसके प्रबन्धन के विषय में विस्तार से बताया गया। साथ ही बताया गया कि फसल अवशेष को न जलाकर पशुओं को चारा, जैविक खाद एवं मशीनरियों का उपयोग कर मिट्टी में मिलाने से अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है। इसका सम्बोधन करते हुए जिला पदाधिकारी रोहतास द्वारा सुझाव के क्रम में निदेशित किया गया कि पूर्व में खरीफ मौसम में करगहर प्रखण्ड में पराली जलाने की कुल 1214 घटना प्रकाश में आया था जो जिला में सर्वाधिक है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाव के क्रम में बताया गया कि प्रशासनिक स्तर से पराली जलाने वाले किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाय। धर्मेन्द कुमार सिंह, किसान द्वारा सुझाव दिया गया कि जिले में राउण्ड स्ट्राबेलर इच्छुक किसानों को दिया जाय। साथ ही कृषि बैज्ञानिक, विक्रमगंज द्वारा बताया गया कि राउण्ड स्ट्रा बेलर के स्थान पर स्क्वायर स्ट्राबेलर ज्यादा उपर्युक्त है। पैक्स अध्यक्ष द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु मनरेगा के मजदूरों को किसानों के खेतों में तत्काल न्यूनतम मजदूरी पर रखकर फसल अवशेष प्रबन्धन सुनिश्चित किया जाय जिससे पराली को खेतों से हटाया जा सकें। जिले के सभी क्षेत्रों में कर्मचारियों द्वारा पराली जलाने की घटना पर सतत निगरानी रखी जा रही है। दोषी पाये जाने वाले कृषकों पर दण्डात्मक कार्रवाई के साथ-साथ सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी प्रकार के अनुदान से वंचित कर दिया जाएगा।


रिपोर्टर