पराली जलाने पर नपेंगे किसान, डीएम सख्त

जिला संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट 

कैमूर - जिले को फसल अवशेष (पराली) जलाने से मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित अंतर विभागीय कार्य समूह की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि फसल अवशेष जलाने वालों पर BNSS की धारा-152 के तहत जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि जिले में बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) के कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर नहीं चलेगा। यदि कोई हार्वेस्टर बिना SMS के पाया गया तो उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।

यंत्रों की उपलब्धता: पंचायतों में हैप्पी सीडर, रोटावेटर और बेलर जैसे कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकें। कृषि विभाग गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएगा और किसानों को जागरूक करेगा। पिछले तीन वर्षों से पराली न जलाने वाले किसानों को प्रशासन सम्मानित करेगा और उन्हें रोल मॉडल बनाएगा। जिला पदाधिकारी ने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण और मिट्टी की सेहत दोनों के लिए घातक है। इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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