भावी नगरसेवक बने ‘शेर’, गल्ली-गल्ली गूंज रहे नारों से गर्माया चुनावी माहौल

भिवंडी। जिस गल्ली में भावी नगरसेवक प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं, वहां का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं दिखाई दे रहा। “देखो-देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया” जैसे नारों से गल्ली-मोहल्ले गूंज उठते हैं। समर्थकों की भीड़, ढोल-नगाड़ों की आवाज और हाथों में झंडे—सब मिलकर भिवंडी महानगरपालिका चुनाव को पूरी तरह से जीवंत बना रहे हैं।

भिवंडी महानगरपालिका के कुल 90 वार्डों के लिए आगामी 15 जनवरी को मतदान होना है। इस चुनावी रण में उतरने के लिए कुल 438 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही अब चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रत्यक्ष उम्मीदवार और उनके समर्थक दिन-रात प्रचार में जुटे हुए हैं।

शहर के लगभग हर वार्ड में छोटे-बड़े चुनावी कार्यालय खुल चुके हैं। कहीं अस्थायी टेंट लगे हैं तो कहीं पक्के कार्यालयों में बैठकर रणनीतियां बनाई जा रही हैं। सुबह से देर रात तक उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ घर-घर संपर्क, गल्ली-गल्ली दौरे और छोटी-बड़ी रैलियों के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगहों पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, जहां उम्मीदवार अपने विकास के वादे गिनाते नजर आ रहे हैं। सड़क, पानी, बिजली, सफाई, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे हर भाषण में प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। वहीं कुछ उम्मीदवार अपने पुराने कार्यों और सामाजिक जुड़ाव को आधार बनाकर जनता से समर्थन मांग रहे हैं। चुनावी माहौल में युवाओं की भागीदारी भी खास तौर पर देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया के साथ-साथ पारंपरिक प्रचार—पोस्टर, बैनर, पंपलेट और नारों—का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। समर्थकों की टोली उम्मीदवार को ‘शेर’ बताकर उनके जोश और आत्मविश्वास को दर्शाने की कोशिश कर रही है। भिवंडी शहर में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी सरगर्मी और तेज होती जा रही है। गल्ली-मोहल्लों में राजनीतिक चर्चा आम हो चली है और मतदाता भी अपने-अपने वार्ड के उम्मीदवारों को परखने में जुटे हैं। अब देखना यह होगा कि 15 जनवरी को जनता किस ‘शेर’ पर अपना भरोसा जताती है और किसे नगरसेवक बनने का मौका मिलता हैं।

रिपोर्टर

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