श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, हज़ारों श्रद्धालुओं ने निकाली विराट जलयात्रा

अनुमंडल संवाददाता सिगासन सिंह यादव की रिपोर्ट 

चैनपुर (कैमूर)-- कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत खरीगांवा गांव आज भक्ति के सागर में सराबोर नजर आया। अवसर था प्राचीन बुढ़वा महादेव शिव मंदिर के प्रांगण में आयोजित होने वाले 'श्री श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ' के भव्य शुभारंभ का। इस धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन मंगलवार को एक विराट कलश यात्रा (जलयात्रा) निकाली गई, जिसमें खरीगांवा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कुहीरा नदी से लाया गया पवित्र जल

जलयात्रा का प्रारंभ खरीगांवा पोखर स्थित ऐतिहासिक बुढ़वा महादेव मंदिर (स्थापना 1895) के प्रांगण से हुआ। यहाँ से हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु माथे पर कलश लेकर गाजे-बाजे और जयघोष के साथ रवाना हुए। यह यात्रा खरीगांवा से चलकर अवखरा स्थित कुहीरा नदी के तट पर पहुँची।

नदी तट पर मुख्य आचार्य विजेन्द्र पांडेय के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। आचार्यों द्वारा वरुण देव का आह्वान कर कलशों में पवित्र जल भरा गया। इसके पश्चात यह भव्य शोभायात्रा अवखरा से हाटा होते हुए पुनः यज्ञ स्थल (बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर) पहुँची, जहाँ पवित्र जल को यज्ञ शाला में स्थापित किया गया। 'जय श्री राम' और 'हर-हर महादेव' के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।

धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा

यज्ञ समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बुधवार से मुख्य पूजन कार्यों की शुरुआत होगी


 21 जनवरी (बुधवार): पञ्चाङ्ग पूजन, मंडप प्रवेश एवं अरणी मंथन के साथ महायज्ञ का विधिवत श्रीगणेश होगा।

दैनिक वैदिक अनुष्ठान: प्रतिदिन सुबह 08 बजे से 12 बजे तक वैदिक मंत्रों के साथ विशेष पूजन किया जाएगा। दोपहर 02 बजे से 05 बजे तक हवन का कार्यक्रम चलेगा।

कथा एवं प्रवचन: आध्यात्मिक चेतना जगाने के लिए   06 बजे से 9 बजे तक सुप्रसिद्ध कथावाचक शरद जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया जाएगा।

सांस्कृतिक आकर्षण: प्रतिदिन रात्रि 09 बजे से 12 बजे तक वृंदावन से आए कुशल कलाकारों द्वारा मनमोहक रासलीला की प्रस्तुति दी जाएगी।

पूर्णाहुति: इस महायज्ञ का समापन 28 जनवरी को विशाल भंडारे और विदाई के साथ होगा।

संतों का सानिध्य और व्यवस्था

इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए  त्रिदण्डी स्वामी जी महाराज और श्री वेदमार्तण्ड गोपालाचार्य स्वामी जी महाराज के परम शिष्य संत श्री धनेश्वराचार्य स्वामी जी  महाराज के सानिध्य में आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। स्थानीय स्तर पर व्यवस्थापक अध्यक्ष मुन्ना उपाध्याय के नेतृत्व में पूरी टीम मुस्तैदी से जुटी हुई है।

समिति के मुख्य सदस्यों में भोला उपाध्याय, हनुमान द्विवेदी, गणेश उपाध्याय, सचिव प्रदीप कुमार पटेल, उप-सचिव डॉ. उद्धव प्रसाद, कोषाध्यक्ष भोला उपाध्याय, कोठारी सत्येंद्र बिंद, यज्ञ संचालक भोली श्रीवास्तव और उप-संचालक डॉ. पप्पू मौर्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

गाँव में उत्सव का माहौल

1895 से स्थापित बुढ़वा महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है। सरकारी अस्पताल के समीप आयोजित इस महायज्ञ को लेकर खरीगांवा ग्रामवासी पंचायत अमॉव के लोगों में भारी उत्साह है। सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों की टीम तैनात है ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सामाजिक समरसता बढ़ती है। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।

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