फिर एक ही दिन में तीन नाबालिग बच्चों का अपहरण, शहर में दहशत — पुलिस फिर बेखबर

भिवंडी। भिवंडी शहर में नाबालिग बच्चों के अपहरण की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। ताजा मामला तो और भी ज्यादा डराने वाला है, जहां एक ही दिन में अलग-अलग इलाकों से तीन नाबालिग बच्चे रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। 13, 14 और 15 वर्ष के इन बच्चों के गायब होने से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। बढ़ती घटनाओं के बावजूद पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली ने अभिभावकों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है।

पुलिस के मुताबिक पहली घटना नारपोली पुलिस स्टेशन में दर्ज गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 90/2026 के अनुसार, काल्हेर गांव से 2 फरवरी को दोपहर करीब एक बजे 13 वर्ष 3 माह की नाबालिग बच्ची अचानक लापता हो गई। बच्ची के पिता जो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। दिन भर तलाश के बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद अगले दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इसी पुलिस थाना क्षेत्र में दूसरा मामला सामने आया, जिसने पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए। गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 91/2026 के तहत दर्ज शिकायत के अनुसार, गुंदवली इलाके से 15 वर्षीय लड़का 2 फरवरी की शाम चार बजे के आसपास अचानक गायब हो गया। परिजनों को आशंका है कि किसी अज्ञात शख्स ने बच्चे को फुसलाकर ले गया है। हैरानी की बात यह है कि इलाके में पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

तीसरी और सबसे चौंकाने वाली घटना कोनगांव पुलिस स्टेशन क्षेत्र से सामने आई है। 14 वर्षीय बच्ची 3 फरवरी की सुबह घर के पास दुकान से नाश्ता लाने गई थी, लेकिन फिर कभी घर नहीं लौटी। पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को संदेह है कि बच्ची को भी किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर ले गया।

तीनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओ के तहत अपहरण का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों के सहारे जांच का दावा कर रही है, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की कथित “सक्रियता” की पोल खोल दी है। भिवंडी में पिछले कुछ हफ्तों से नाबालिगों के गायब होने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई या सफलता की खबर सामने नहीं आई है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में गुस्सा और डर दोनों साफ नजर आ रहे हैं। लोगों का सवाल सीधा है— क्या भिवंडी में बच्चे अब सुरक्षित नहीं है।

रिपोर्टर

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