बिना टैक्स बढ़ोतरी, 3186 करोड़ का दमदार बजट: विकास की रफ्तार तेज करेगा KDMC
- Rohit R. Shukla, Journalist
- Mar 21, 2026
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कल्याण। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट महापालिका आयुक्त अभिनव गोयल ने महासभा में प्रस्तुत किया। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि बिना किसी कर वृद्धि के शहर के व्यापक और संतुलित विकास पर जोर दिया गया है।
वित्तीय दृष्टि से यह बजट संतुलित और विकासोन्मुखी माना जा रहा है। वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट में 2744.99 करोड़ रुपये की आय और 2172.22 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान था, जबकि 2026-27 के लिए 3186.60 करोड़ रुपये की आय और 3186.49 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार 10.51 लाख रुपये की शेष राशि रहने की संभावना जताई गई है।
महापालिका ने आय के प्रमुख स्रोतों में संपत्ति कर से 600.01 करोड़ रुपये, जीएसटी अनुदान एवं स्टाम्प शुल्क से 510.03 करोड़ रुपये, पानी कर से 101 करोड़ रुपये तथा शिक्षा वेतन अनुदान सहित 115.06 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान व्यक्त किया है। विशेष अधिनियमों के अंतर्गत 526.30 करोड़ रुपये, अन्य स्रोतों से 28.85 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत आय के रूप में 829.25 करोड़ रुपये अनुदान मिलने की उम्मीद है। व्यय के तहत 1654.08 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 1524.20 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय का प्रावधान रखा गया है, जिससे बुनियादी ढांचे और दीर्घकालीन परियोजनाओं को गति मिलेगी।
बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों को शामिल किया गया है। इसमें कल्याण पूर्व के मलंग रोड, चेतना स्कूल से नेवाली नाका, मांडा-टिटवाला क्षेत्र तथा ठाणगेवाड़ी जैसे महत्वपूर्ण मार्गों का विकास प्रस्तावित है। डोंबिवली में कोपर फ्लाईओवर पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए अतिरिक्त दो लेन का उड्डाणपुल बनाने की योजना है, वहीं बड़ा गांव रेलवे फाटक पर रेलवे फ्लाईओवर निर्माण भी प्रस्तावित है।
सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए सावित्रीबाई फुले कलामंदिर के आधुनिकीकरण के साथ ही कल्याण पश्चिम में आगरी, कोली, कुणबी और वारकरी समाज के लिए सांस्कृतिक भवन बनाए जाएंगे। डॉ. आनंदीबाई जोशी उद्यान के विकास और सुभाष मैदान में स्टेडियम निर्माण की योजना भी इस बजट का हिस्सा है।
महापालिका क्षेत्र में आधारवाडी, लाल चौकी, बैलबाजार, विठ्ठलवाडी, टिटवाला, डोंबिवली और कोळेगांव सहित कई स्थानों पर स्मशानभूमियों के पुनर्निर्माण एवं उन्नयन का कार्य किया जाएगा, जबकि कासारियो और माणेरे में नई स्मशानभूमियों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा उद्यानों और मैदानों में सीसीटीवी लगाने, बारावे में आधुनिक गार्डन विकसित करने तथा “ऑटिज्म विलेज” जैसी विशेष संकल्पना को लागू करने की योजना बनाई गई है। 15 नए छोटे उद्यान, भोपर टेकड़ी का सौंदर्यीकरण और अन्य हरित परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
जल आपूर्ति व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए फ्लो मीटर, SCADA सिस्टम और डिजिटल ट्विन तकनीक के माध्यम से पानी की निगरानी की जाएगी। पाथर्ली में नए जलकुंभ का निर्माण, नेतीवली जल शुद्धिकरण केंद्र की मरम्मत तथा अमृत 3.0 योजना के तहत 27 गांवों और डोंबिवली पश्चिम में जल शुद्धिकरण और सीवरेज नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। नागरिक सुविधाओं के लिए 24 सेल्फ-क्लीनिंग ईको-टॉयलेट स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
घनकचरा प्रबंधन के क्षेत्र में उंबर्डे में 750 टीपीडी क्षमता का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट, बारावे में बायो-सीएनजी प्रोजेक्ट, कचरे से ब्रिकेट निर्माण इकाई, निर्माण एवं विध्वंस कचरे के लिए प्रोसेसिंग प्लांट तथा मृत पशुओं के निपटान के लिए इंसीनेरेशन प्लांट प्रस्तावित किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए धूल नियंत्रण, ड्राय मिस्ट फाउंटेन और आउटडोर एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम जैसी आधुनिक योजनाएं भी शामिल हैं।
सामाजिक क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए हेपेटाइटिस-ए टीकाकरण, स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, खेल सुविधाओं का विस्तार और स्पोर्ट्स किट वितरण का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10 मॉडल कट्टे तथा तृतीयपंथी समुदाय के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के लिए HRMS प्रणाली, व्हाट्सएप चैटबॉट, नेटवर्क सिक्योरिटी ऑडिट और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए जाएंगे। साथ ही विकास शुल्क, FSI प्रीमियम आदि से 241 करोड़ रुपये तथा स्मार्ट पार्किंग और विज्ञापन से 20 से 25 करोड़ रुपये वार्षिक आय का लक्ष्य रखा गया है। महापालिका अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटाने की तैयारी में है।
कुल मिलाकर, बिना कर वृद्धि के प्रस्तुत यह बजट बुनियादी ढांचे के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल प्रशासन और सामाजिक समावेशन को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो कल्याण-डोंबिवली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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