भिवंडी में उल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई रमजान ईद, लाखों लोगों ने अदा की नमाज

ईदगाह मैदान से लेकर 100 से अधिक मस्जिदों में गूंजे अमन-चैन के पैगाम


भिवंडी। भिवंडी शहर में मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा पर्व ईद-उल-फितर (रमजान ईद) इस वर्ष भी पूरे उत्साह, उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। एक माह तक रोजा रखने के बाद ईद के दिन शहर भर में खुशी और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। ईद के मौके पर सुबह करीब 7 बजे से ही शहर के ईदगाह मैदान सहित लगभग 105 मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा करने का सिलसिला शुरू हो गया था। नमाज के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी पारंपरिक परिधानों में नजर आए। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ नमाज अदा कर देश में अमन, शांति और समृद्धि के लिए दुआ मांगी।

कोटर गेट स्थित सुन्नी जामा मस्जिद में भी हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कोटर गेट क्षेत्र में पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे और सहायक पुलिस आयुक्त विजय मराठे स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को गुलाब के फूल भेंट कर ईद की शुभकामनाएं दीं और भाईचारे का संदेश दिया। ईद के अवसर पर पूरे भिवंडी शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा। बाजारों और गलियों में रौनक देखने को मिली। लोग एक-दूसरे के घर जाकर मुबारकबाद देते नजर आए, वहीं बच्चों में खास उत्साह देखा गया।घरों में विशेष पकवान और मिठाइयां बनाई गईं, जिन्हें आपस में बांटकर खुशियां साझा की गईं। ईद के इस पावन अवसर पर भिवंडीवासियों ने धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर एकता और भाईचारे का परिचय दिया। लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर त्योहार मनाया और समाज में सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। कुल मिलाकर, भिवंडी में मनाई गई रमजान ईद ने एक बार फिर शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की।

रिपोर्टर

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