नशे माँसाहार कभी न करना मानवता के पथ पर चलना
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Apr 22, 2026
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अनिल कुमार सिंह
ब्यूरो चीफ भोजपुर । स्वामी सच्चिदानंद अवतार युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज".. एक ऋषि है, ऋषित्व का जीवन जीते है। सप्तऋषियों के स्वामी है। जन जन के कल्याण के लिए तपस्यारत हैं। जिनकी कुंडलनी चेतना जाग्रत है। जिनका कोई शरीरधारी गुरु इस धरती पर नहीं है.. उनकी ईष्ट सिर्फ माता आदिशक्ति जगत जननी जगदंबा माँ भगवती हैं। उन्होंने साक्षात माँ भगवती के दर्शन प्राप्त किए हैं, और वह जब चाहे तब हर पल माँ के दर्शन प्राप्त कर सकते हैं। माँ भगवती ने ही उन्हें 'शक्तिपुत्र' यह नाम प्रदान किया है। इनका जन्म उतरप्रदेश के फतेहपुर जिले में हुआ है,कलयुग की भयावहता के बीच सतयुग की स्थापना करने के लिये।इन्होंने विश्व धर्म जगत को ससम्मान चुनौती दी है।
उनके द्वारा त्रिवेणी से भी पवित्र तीन धाराओं का गठन किया गया है -पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम,भारतीय शक्ति चेतना पार्टी,भगवती मानव कल्याण संगठन; जिसका उद्देश्य समाज को नशे और मांसाहार से मुक्त चरित्रवान शक्ति साधक बना कर मनुष्य के तीन मूल कर्तव्यों धर्मरक्षा, राष्ट्ररक्षा और मानवता की सेवा के लिए तैयार करना है।
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील में मऊ नामक एक छोटे से ग्राम में उन्होंने पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम की स्था ।पना की है जहाँ पिछले 30 वर्षों से अखंड दुर्गा चालीसा का पाठसमाज कल्याण हेतु अनंत काल के लिए चल रहा है। वहाँ पर उन्होंने मुलध्वज मंदिर की भी स्थापना की जहां समाज के समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।


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