राघवडिहरा के रितेश बने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- May 28, 2026
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रोहतास। जिले के सूर्यपुरा प्रखंड अंतर्गत राघवडिहरा गांव के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण तब आया, जब गांव के युवा रितेश कुमार सिंह ने 28 मई 2026 को भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशंड प्राप्त किया। इसके साथ ही वह राघवडिहरा गांव के पहले कमीशंड सैन्य अधिकारी बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। रितेश कुमार सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार जनार्दन सिंह एवं गृहिणी पुष्पा देवी के छोटे पुत्र हैं। उनके पिता ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा दी और कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया। पिता की देशभक्ति और अनुशासन से प्रेरित होकर रितेश ने बचपन से ही सैन्य अधिकारी बनने का सपना देखा था। इस मौके पर माता पिता ने नेता के कंधा पर सुनहरी पट्टी पहनाई और आशीर्वाद दिया। उन्होंने 10वीं कक्षा से ही सैन्य सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बताया जाता है कि उन्होंने 10 से अधिक एसएसबी इंटरव्यू दिए और हर असफलता के बाद और अधिक मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहे। आखिरकार जून 2025 में उनका चयन भारतीय नौसेना में हुआ और अब 28 मई 2026 को वह सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर देशसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ गए। शैक्षणिक क्षेत्र में भी रितेश का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, इलाहाबाद से तथा बीएससी की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। उन्होंने CAT परीक्षा में 90 परसेंटाइल अंक हासिल किए थे तथा IIM अमृतसर और IIM गया में प्रवेश का अवसर भी मिला। हालांकि परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इस सोच के साथ उन्होंने बीएचयू से एमबीए करने का निर्णय लिया। वहीं उनके बड़े भाई विकास कुमार सिंह भी शिक्षा और करियर के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बीटेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में इंफोसिस में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के दोनों बेटों की उपलब्धियों से गांव और क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
रितेश की सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। छोटे से गांव से निकलकर भारतीय नौसेना में अधिकारी बनने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि कठिन परिश्रम, धैर्य और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गांव एवं आसपास के लोगों ने रितेश कुमार सिंह और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


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