या हुसैन' की सदाओं से गूंजा रोहतास


रोहतास।मोहर्रम की 10वीं (आशूरा) पर शुक्रवार को पूरा रोहतास जिला या हुसैन... या हुसैन.. की सदाओं से गूंज उठा। जिले के सासाराम, डेहरी, नासरीगंज, राजपुर, कच्छवाँ, तिलौथू, चेनारी, करगहर, दिनारा, बिक्रमगंज समेत विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से आकर्षक ताजिया जुलूस निकाले गए। हर ओर अकीदत, अनुशासन और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली।


जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया। कई स्थानों पर युवाओं ने पारंपरिक लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। इन हैरतअंगेज करतबों को देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। पूरे आयोजन के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बना रहा। मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन पहले से पूरी तरह अलर्ट था। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और अधिकारी तैनात किए गए थे। सभी जुलूसों की निगरानी की गई, जिससे कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय मोहर्रम कमेटियों के सहयोग से सभी जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुए। जिले के विभिन्न इमामबाड़ों और अखाड़ों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन के दौरान सभी समुदायों के लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया, जिसने जिले की साझा संस्कृति को एक बार फिर मजबूत किया। मोहर्रम का यह पर्व रोहतास में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का भी संदेश देकर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

रिपोर्टर

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