नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में राइस ट्रांसप्लांटर' से शुरू हुई धान की रोपनी
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jul 09, 2026
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रोहतास।गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में धान की रोपाई की आधुनिक मशीन ' राइस ट्रांसप्लांटर' से धान की रोपाई की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कृषि में आधुनिक मशीनों के उपयोगिता
पर विचार साझा किया एवं संस्थान के निदेशक प्रो एच के सिंह एवं अधिष्ठाता प्रो एस एस सिंह को इस नवाचार को कृषि में शामिल करने के लिए बधाई दी। साथ ही उन्होंने कृषि विज्ञान संस्थान में और आधुनिक मशीनों को सम्मिलित करने की आशा की जिससे संस्थान के छात्रों एवं कृषक समाज को बदलते परिवेश में आधुनिकीकरण की जानकारियों से सशक्त बनाया जाए ।
संस्थान के निदेशक प्रो एच के सिंह ने बताया कि खरीफ मौसम में धान की समय पर रोपाई अच्छी उपज का आधार होती है। रोपाई के समय मजदूरों की कमी, मजदूरी की बढ़ती लागत तथा अनिश्चित मानसून किसानों के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरते हैं। ऐसे समय में राइस ट्रांसप्लांटर किसानों के लिए एक प्रभावी एवं आधुनिक विकल्प है।
संस्थान के अधिष्ठाता प्रो एस एस सिंह ने राइस ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई का तरीका सीखने आए किसानों को बताया कि राइस ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र की रोपाई की जा सकती है। इससे श्रम की आवश्यकता 70–80 प्रतिशत तक कम हो जाती है तथा रोपाई समान दूरी और समान गहराई पर होने से पौधों का विकास बेहतर होता है। समय पर रोपाई होने से फसल की बढ़वार अच्छी रहती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
संस्थान के शस्य विभाग के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ धनंजय ने बताया कि राइस ट्रांसप्लांटर के सफल उपयोग के लिए 18–25 दिन की स्वस्थ मैट नर्सरी तैयार करना आवश्यक है। खेत की अच्छी तरह पडलिंग एवं समतलीकरण किया जाए ताकि मशीन सुचारु रूप से कार्य कर सके। मशीन से रोपाई के बाद उचित जल प्रबंधन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने से बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर संस्थान के सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं किसानगण उपस्थित रहे ।


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