डेहरी ऑन सोन की कई वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धूप घड़ी का गौरव पुनः स्थापित


संवाददाता पारस नाथ दुबे


 डेहरी रोहतास।अंग्रेजों के जमाने की 1871 में स्थापित ऐतिहासिक धूप घड़ी एक बार फिर अपने मूल स्वरूप में स्थापित हो गई है।


सोन नहर निर्माण के समय सिंचाई विभाग के यांत्रिक कर्मशाला परिसर के ठीक सामने ब्रिटिश सरकार ने मजदूरों को समय का ज्ञान कराने के लिए इस धूप घड़ी की स्थापना की थी। उस दौर में जब लोगों के हाथों में घड़ी नहीं होती थी, तो सूरज की रोशनी और परछाई से ही लोग समय जानते थे।


कुछ वर्ष पूर्व चोरों ने इस धरोहर की धातु की तिकोनी प्लेट को उखाड़ कर चुरा लिया था, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। पुलिस प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती बन गई थी।


तत्कालीन एसपी आशीष भारती के नेतृत्व में पुलिस ने सघन खोजबीन शुरू की और मात्र तीन दिनों के भीतर डेहरी के एक कबाड़ी की दुकान से चोरी गई प्लेट को बरामद कर लिया।


पुलिस की इस तत्परता से न सिर्फ शहरवासियों ने राहत की सांस ली, बल्कि प्रशासन की साख भी बढ़ी।


बाद में विभागीय अधिकारियों ने इसे पुनः उसी चबूतरे पर स्थापित कराया। आज भी यह घड़ी बिना बैटरी और चाबी के सटीक समय बताती है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घड़ी केवल जिले की नहीं, बल्कि पूरे बिहार की गौरवशाली विरासत है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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