सासाराम में टोकन से वसूली पर सवाल


रोहतास। नगर निगम सासाराम के नाम पर शहर के अलग-अलग चौराहों पर टोकन काटकर राशि वसूले जाने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। तस्वीर में भी टोकन काटकर राशि वसूली किए जाने का मामला दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस वसूली की वैधता और इसके लिए जारी आदेश की स्थिति नगर निगम प्रशासन की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है।बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर नगर निगम के नाम से टोकन जारी कर लोगों से राशि ली जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब इस तरह की रसीद अथवा टोकन से वसूली पर रोक होने की बात कही जा रही है, तो फिर शहर में यह व्यवस्था किसके आदेश और किस अनुमति के आधार पर संचालित हो रही है।सबसे अहम सवाल यह है कि नगर निगम कार्यालय के सामने और शहर के प्रमुख चौराहों पर टोकन काटकर राशि वसूलने की अनुमति आखिर किसने दी? यदि यह वसूली अधिकृत है तो उसका आदेश, अनुमति और निर्धारित शुल्क की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि वसूली गई राशि किस मद में जमा की जा रही है और क्या वह नगर निगम के सरकारी खाते में पहुंच रही है।वहीं, यदि टोकन काटकर राशि वसूलने की अनुमति नहीं है तो ऐसी वसूली कौन कर रहा है और उसके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई, यह भी जांच का विषय है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए टोकन की वैधता, वसूली का आदेश, अधिकृत एजेंसी अथवा कर्मी और जमा की जा रही राशि की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जांच में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।अब सवाल सीधे नगर निगम प्रशासन से है.शहर में टोकन काटकर हो रही इस वसूली का आदेश किसका है, पैसा किस खाते में जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

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