कर्मनाशा नदी का जलस्तर घटते ही नदी मार्ग से पशु तस्करी तेज, किसानों की बढ़ी चिंता
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 20, 2026
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लरमा पंप कैनाल के पास नदी पार कर पशुओं को बिहार लाने की सूचना, तस्करों पर रोक लगाने की स्थानीय लोगों ने की मांग
अखिल भारतीय समाचार टीम
कैमूर-- जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में कर्मनाशा नदी का जलस्तर घटते ही नदी मार्ग से पशु तस्करी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगी हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा को विभाजित करने वाली कर्मनाशा नदी के रास्ते पशुओं को एक राज्य से दूसरे राज्य में लाए जाने की सूचना से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुओं के आवागमन से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं विरोध करने पर तस्करों द्वारा धमकी दिए जाने की बात भी सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात का मौसम बीतने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद पशुओं को नदी पार कराना आसान हो गया है। आरोप है कि पशु तस्कर उत्तर प्रदेश की सीमा से पशुओं को कर्मनाशा नदी पार कराकर बिहार की सीमा में लाते हैं। इसके बाद वाहनों पर लादकर उन्हें दूसरे स्थानों के लिए रवाना कर दिया जाता है।
ताजा मामला दुर्गावती थाना क्षेत्र के लरमा पंप कैनाल के समीप का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के चिरई गांव की ओर से पशुओं को नदी पार कर बिहार की सीमा में लाए जाने की सूचना मिली है। इस गतिविधि को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के खेतों में पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने से किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। वहीं, कथित तस्करी का विरोध करने पर धमकी मिलने की शिकायत के कारण लोग खुलकर सामने आने से भी डर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की नजर
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से नदी के रास्तों पर निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर गश्त करने तथा पशु तस्करी की शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन नदी मार्ग से कथित पशु तस्करी पर अंकुश लगाने और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए क्या कदम उठाता है।


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