
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई सरकार की जनजीवन हरियाली योजना
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, ब्यूरो चीफ कैमूर
- Jun 15, 2025
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संवाददाता श्याम सुंदर पाण्डेय की रिपोर्ट
दुर्गावती (कैमूर)-- कई दशकों से ही पेड़ लगाओ योजना का अभियान चलता आ रहा है जिसका नाम रूप वर्तमान नीतीश के सरकार में जनजीवन हरियाली रखा गया है,जो मानव जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। पृथ्वी के पर्यावरण और मानव जीवन को बचाए रखने के लिए यह जरूरी योजना आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस के समय से अब तक यह सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में रुपए सरकार के द्वारा पानी की तरह बह गए, लेकिन इस योजना की देखरेख करने की जिम्मेदारी आज तक कोई अपने कंधे पर नहीं ले पाया, न ही इसमें कोई सुधार हुआ। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में योजना को पंचायत के माध्यम से भी चलाया गया, जिसमें वृक्षों के रक्षक पेड़ के सिंचाई के लिए हैंडपंप उपलब्ध कराए गए लेकिन धरातल पर 95% पेड़ दिखाई नहीं दे रहे है। आम जनता के द्वारा कुछ पेड़ यदि अपने रूप में आए तो उन्हें काट लिया गया। और इसकी जानकारी रक्षक को पंचायत प्रतिनिधि ग्राम सेवक को भी थी, लेकिन किसी ने इसकी रक्षा करने की जिम्मेदारी नहीं उठाई, न वैसे लोगों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराने की कोशिश की। राष्ट्रीय राजमार्ग और क्षेत्रीय राजमार्गों के निर्माण में जितने भी पेड़ रास्ते पर मौजूद थे सबको सरकार के ठेके दारो के द्वारा काट दिया गया, लेकिन कहीं भी पेड़ नहीं लगाए गए। जिसका परिणाम है कि आज राष्ट्रीय राजमार्ग या ग्रामीण मार्ग वृक्ष बिहीन दिखाई दे रहे हैं। कहीं-कहीं तो पंचायत के माध्यम से पैसे की निकासी भी कर ली गई लेकिन धरातल पर वृक्षारोपण नहीं हो पाया। विश्व पर्यावरण सम्मेलन में हर जीव को बचाने के लिए प्रत्येक वर्ष सम्मेलन होता है लेकिन वह मात्र कागज पर घोषणा और दिखावा बनकर रह गया। सरकार के द्वारा जनहित में किए गए कार्यों के जिम्मेवारी जिसके माध्यम से कराए जा रहे हैं उसके कंधे पर होनी चाहिए लेकिन सरकार ने इसे मुनासिब नहीं समझा जिसका परिणाम है कि सरकार के द्वारा चलाई जा रही प्रत्येक योजनाएं निष्फल होती जा रहे हैं और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।
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