किसानों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने कदम पिछे खिंचा
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Aug 23, 2025
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भारत माला परियोजना में धान की फसल रौंदने पर लगा विराम
संवाददाता अभिमन्यु सिंह की रिपोर्ट
चांद(कैमूर)-- पिछले चार दिनों से प्रशासन एवं किसानों के बीच में चल रहा टकराव रूका यह। किसानों के तल्ख विरोध को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर किसानों के धान की फसल रौंदने काम आज बंद रहा।काम बंद होने के वावजूद सैकड़ों किसान केवा नहर पर जमे रहे। किसान एकता जिंदाबाद जय जवान जय किसान का नारे लगाते हुए धरना जारी रखा हुआ है। प्रशासन के द्वारा काम नहीं करने से दिन भर शांति बनी हुई थी। जिलाधिकारी कैमूर के द्वारा बटाई एवं नगदी पर खेती करने वाले किसानों से वार्ता किया।बटाई दार किसानों ने जिलाधिकारी से धान कटाई होने तक काम रोकने की मांग की। किसानों ने कहा हमलोग पैसे देकर खेत लेते हैं। खेतों की उपज फसल से हम लोगों का परिवार का जिविकापार्जन होता है। कैमूर जिले में बटाई एवं नगदी पर खेती करने वाले सैकड़ों किसान भारत माला परियोजना के काम शुरू होने से प्रभावित होंगे।बटाई दार किसानों को धान की फसल रौंदने से भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। सभी छोटे किसान सरकार के समर्थक हैं। जिलाधिकारी सुनील कुमार ने छोटे छोटे किसानों की बात गौर से सुना उन किसानों का नाम पुरा जानकारी अंचलाधिकारी को लिखने के लिए कहा। किसानों से बात करते हुए जिलाधिकारी ने काम बंद करने का आश्वासन तो नहीं दिया। जिलाधिकारी ने इतना जरूर कहा मुआवजा के लिए आवेदन रैयत दें उसके बाद काम बंद करने पर विचार किया जा सकता है। किसानों की धान की फसल बचाने के लिए किसानों एवं किसान नेताओं की दिन भर गतिविधियां तेज रही। किसानों ने धान की फसल बचाने एवं उचित मुआवजा के लिए बिहार सरकार एवं मंत्रियों से सम्पर्क तेज कर दिया है। किसानों ने कहा मंत्री जमा खान ने आश्वासन दिया है किसानों की फसल का नुक़सान नहीं होने दिया जाएगा। इस सब के वावजूद किसान जिलाधिकारी से आश्वासन चाहते हैं की फसल कटने तक भारत माला परियोजना शुरू नहीं किया जाएगा। किसानों के साथ फसल सुरक्षा कर रहे पशुपति नाथ सिंह महासचिव किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं अभिमन्यु सिंह अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन कैमूर ने कहा किसानों के द्वारा प्रशासन पर भरोसा नहीं कर फसल की सुरक्षा करने के लिए लगातार धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। किसानों के साथ भुपेंद्र सिंह राकेश उपाध्याय लाला सिंह गुदरी सिंह रामसखी यादव चंद्रजीत यादव जय प्रकाश अशोक कुशवाहा श्याम प्रकाश पटेल वकील सिंह श्याम सुन्दर सिंह आदि सैकड़ों किसान केवा नहर पर फसल सुरक्षा कर रहे थे।


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