भिवंडी में गणपति विसर्जन पर अव्यवस्था का साया
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 29, 2025
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ठेकेदार की लापरवाही से कृत्रिम तालाबों में पानी ही नहीं, भक्तों की जान पर बनी
डेढ़ दिन की 3745 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, 2 श्रद्धालु डूबते-डूबते बचे
भिवंडी। भिवंडी शहर में गणपति बप्पा के डेढ़ दिन के विसर्जन पर नगरपालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रशासन ने दावे तो बहुत किए, लेकिन वास्तविकता में भक्तों की आस्था और जान दोनों खतरे में पड़ गई।शहर भर में कुल 3744 घरगुती और 1 सार्वजनिक मंडल की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें से 185 मूर्तियां नगर पालिका द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों में विसर्जित की गईं।
शासन के आदेश पर मनपा ने 10 कृत्रिम तालाब बनाने का ठेका मिलिंद मुंडे नामक ठेकेदार को 18 लाख रुपये में दिया था। लेकिन भिवंडी के तीन प्रमुख स्थान नदी नाका, शिवाजी चौक स्थित चाचा नेहरू हाई स्कूल परिसर और वाराला तालाब घाट पर बनाए गए कृत्रिम तालाबों में पानी तक नहीं भरा गया। इस अव्यवस्था को देखकर गणेश भक्त कहने लगे – जब डेढ़ दिन के विसर्जन में यह हाल है तो पांच और दस दिन के विसर्जन पर क्या होगा ?
पालिका का दावा था कि वाराला तालाब, भादवड़ तालाब, कामवारी नदी घाट और नारपोली तालाब पर अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। हकीकत यह रही कि वाराला तालाब पर देर रात विसर्जन कर्मी मौके से चले गए। मजबूरन भक्तों को खुद पानी में उतरकर विसर्जन करना पड़ा। इसी दौरान दो श्रद्धालु पानी में डूबते-डूबते बच गए, जिन्हें स्थानीय युवकों ने बहादुरी दिखाकर बाहर निकाला। पालिका आयुक्त ने भरोसा दिलाया था कि सभी तालाबों में पानी और व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। मगर हकीकत में ये दावे कागजों तक सीमित रह गए। एक गणेश भक्त ने कहा कि जब 18 लाख रुपये का ठेका देकर भी तालाबों में पानी नहीं भरवाया जा सका तो जिम्मेदार कौन है ? इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो मीटिंग का बहाना बताकर अपना अपना पल्ला झाड़ लिया।
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कुल विसर्जन : 3745 घरगुती + 1 सार्वजनिक मंडल।
कृत्रिम तालाबों में विसर्जन : 185 मूर्तियां
नगरपालिका द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाब : 10
सूखे तालाब : 3 (नदी नाका, शिवाजी चौक, वाराला तालाब घाट)
ठेका राशि : 18 लाख रुपये
ठेकेदार का नाम : मिलिंद मुंडे
घटना : वाराला तालाब घाट पर दो श्रद्धालु डूबते-डूबते बचे।
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