नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन रोकने की चेतावनी

सांसद सुरेश म्हात्रे बोले – दि. बा. पाटील का नाम नहीं मिला तो केंद्र सरकार को बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा

भिवंडी। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नामकरण को लेकर राजनीति गरमा गई है। भिवंडी लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक एयरपोर्ट का नाम लोकनेता स्व. दि. बा. पाटील के नाम पर नहीं रखा जाता, तब तक इसका उद्घाटन नहीं होने दिया जाएगा। शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में सांसद म्हात्रे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार, स्थानीय संगठनों और भूमिपुत्रों के साथ अन्य राजनीतिक दल भी दि. बा. पाटील के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने के पक्ष में हैं, फिर भी केंद्र सरकार जानबूझकर इस मांग की अनदेखी कर रही है। उन्होंने इसे भूमिपुत्रों के साथ अन्याय करार दिया। सांसद ने बताया कि दि. बा. पाटील का योगदान केवल ठाणे और पालघर जिलों तक सीमित नहीं था। उन्होंने महिला भ्रूण हत्या विरोधी कानून के पारित होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रकल्पग्रस्त किसानों को जमीन या उचित मुआवजा दिलाने की लड़ाई भी उन्होंने लड़ी। स्वतंत्रता से पहले अंग्रेजों के खिलाफ कुलकायदा लागू कराने के लिए आंदोलन किया, जिसकी दखल खुद डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर ने ली थी। स्वतंत्र भारत में यह कानून किसानों के लिए वरदान साबित हुआ। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण की लड़ाई में भी उन्होंने अहम योगदान दिया।दि. बा. पाटील पांच बार विधायक, दो बार सांसद और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। राजनीति, समाज सुधार और कृषि क्षेत्र में उनकी पहचान एक दूरदर्शी नेता की रही। सांसद म्हात्रे ने बताया कि रविवार, 14 सितंबर को लोकनेता स्व. दि. बा. पाटील की जन्मशताब्दी वर्ष पर भिवंडी से नवी मुंबई के जासई गांव तक भव्य कार रैली निकाली जाएगी। इस रैली में दो हजार से अधिक चारपहिया वाहन शामिल होंगे और ठाणे, पालघर, रायगड, नवी मुंबई व मुंबई से हजारों की संख्या में आगरी-कोली समाज के लोग जुटेंगे। केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए सांसद ने कहा – “यह कार रैली तो सिर्फ ट्रेलर है, हमें पिक्चर दिखाने के लिए मजबूर मत कीजिए। जब तक एयरपोर्ट को दि. बा. पाटील का नाम नहीं मिलता, तब तक इसका उद्घाटन नहीं होने देंगे।”

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