भिवंडी में धार्मिक संगठनों की पहल, सात टन निर्माल्य हुआ इकट्ठा

भिवंडी। भिवंडी में धार्मिक उत्सवों के दौरान जल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एक सराहनीय पहल सामने आई है। गणेश चतुर्थी और नवरात्रि जैसे पर्वों में बड़ी मात्रा में कचरा सीधे नदियों और तालाबों में डाला जाता रहा है। इससे जलस्रोतों के प्रदूषित होने की समस्या लगातार बढ़ रही थी। इसी पृष्ठभूमि में भिवंडी मनपा आयुक्त अनमोल सागर ने विभिन्न धर्मार्थ संगठनों से अपील की थी कि वे निर्माल्य संग्रह में आगे आएं।आह्वान पर पहल करते हुए डॉ. नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान के सदस्यों ने सक्रियता दिखाई और शहर के प्रमुख विसर्जन स्थलों पर विशेष अभियान चलाया। इसमें वाराल झील, कामतघर घाट, भादवड़ और तिलक घाट को केंद्र बनाया गया। अभियान के तहत गौरी-गणपति और अनंत चतुर्थी के अवसर पर केवल तिलक घाट से ही तीन टन निर्माल्य एकत्रित किया गया। वहीं वाराला देवी झील और कामतघर घाट पर मिलाकर चार टन अतिरिक्त कचरा जुटाया गया। कुल मिलाकर सात टन निर्माल्य एकत्रित कर उसे भादवड़ स्थित खाद निर्माण केंद्र तक पहुंचाया गया। सदस्यों ने इस दौरान विशेष ध्यान रखते हुए प्लास्टिक और अन्य गैर-अपघटनीय कचरे को अलग किया, ताकि केवल जैविक सामग्री खाद निर्माण में काम आ सके। गौरतलब है कि पूर्व में मनपा प्रशासन विसर्जन स्थलों पर कलश रखकर निर्माल्य एकत्रित करता था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती थी। इस वर्ष जिम्मेदारी सीधे प्रतिष्ठान को सौंपे जाने के बाद संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

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