बाढ़ के कारण फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए उचित मुवाअजा के लिए कैमूर किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

किसानों की बयां करते हुए कैमूर किसान  यूनियन संघ के अध्यक्ष हुए भावुक

कैमूर-- किसान यूनियन की बैठक कुल्हड़ियां मोड़ पर हुआ जिसमें दिनांक 3 और 4 अक्टूबर 2025 को हुए अति बारिश के कारण, पहाड़ो का पानी मैदानी इलाकों में आने के कारण और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण किसानों की फसल पुरी तरह बर्बाद हो गई जिस क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर विचार विमर्श हुआ। विचारोपरांत मुख्यमंत्री के लिए किसान हित में पत्र में लिखा गया की कैमूर में दुर्गावती प्रखण्ड अंतर्गत नुआव पंचायत, छॉंव पंचायत, खामिदौरा पंचायत आदि पंचायतों की हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है, साथ साथ चांद, चैनपुर, नुआंव, रामगढ़, भभुआं, मोहनियां, भगवनपुर इत्यादि सभी प्रखण्डो के साथ साथ रोहतास एवं बिहार के कई जिलों की धान के साथ साथ अन्य फसलें भी जलमग्न हो गई है। इस भीषण त्रासदी के किसानों की रोटी रोजी पर आफत आन पड़ी है, आने वाले समय में जब किसानों को फसल का मुनाफा नहीं मिलेगा तब वह कर्ज लेकर रोटी रोजी का इंतजाम करेगा। जिस किसान को कर्ज नहीं मिलेगा वह आत्म हत्या करेगा या कर्ज लेने की वजह से किसान कई वर्ष पिछे चला जाएगा। कैमूर किसान यूनियन ने पत्र के माध्यम से कहा कि जिन रैयत किसानों की फसल क्षति हुई है उनको कर्मचारी, किसान सलाहकार, वार्ड सदस्य, आगमबाड़ी सेविका के द्वारा चिन्हित करने तथा जो गैर रैयत किसान किसी का जोत मालगुजारी लेकर खेती किया है, उसको चिन्हित कर उसका पंचनामा बनवाकर भुगतान खेती करने वाले किसान को किया जाए। भुगतान खाता प्लाट रकबा के हिसाब से हो और भुगतान की राशि मंहगाई को देखते हुए आज के हिसाब से किया जाए की मांग की है, न कि ऊंट के मुंह में जिरा।कैमूर किसान यूनियन ने पत्र मुख्यमंत्री बिहार सरकार के साथ साथ, कृषि मंत्री बिहार सरकार, मुख्य सचिव बिहार सरकार, कृषि सचिव बिहार सरकार,  जिला पदाधिकारी कैमूर, रोहतास,  जिला कृषि पदाधिकारी कैमूर, रोहतास को भेजा है, कैमूर किसान यूनियन इस पत्र के माध्यम से मांग किया है कि किसानों की फसलों की क्षतिपूर्ति हेतु ऊचित मुआवजा जो की आज के महगाई अनुसार करीब ₹35000.00 (पैतीस हजार) से ₹40000.00 (चालीस हजार) प्रति एकड़ होता है के हिसाब से किया जाए। 

कैमूर किसान यूनियन के अध्यक्ष हरिजी सिंह ने किसानों से आह्वान किया की फसल क्षतिपूर्ति हेतु सभी किसान विवरण सहित आवेदन बनाकर अपने अपने प्रखण्ड में अंचलाधिकारी के कार्यालय में जमाकर रिसिविंग अवश्य प्राप्त करें तथा उसकी प्रति कैमूर किसान यूनियन के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी डालें, किसानों की दर्द बयां करते हुए भावुक हो गए। संस्थापक सदस्य बिरला सिंह ने कहा हम सरकार से मांग करते है कि बिहार में फसल बीमा की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए ताकि ऐसी भीषण त्रासदी में किसानों के फसल की हुई क्षतिपूर्ति बीमा कम्पनी कर सके। बैठक में विकास सिंह, धीरज सिंह, रविंद्र यादव, बिरला सिंह, संदीप सिंह, राजा यादव, पप्पू राम, चंद्र प्रकाश सिंह, बिंदु पांडेय, राजेश पांडेय ईत्यादि किसान मौजूद रहे।


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