प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया गया दीनानाथ ब्रह्म जी महोत्सव
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Nov 02, 2025
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संवाददाता श्याम सुन्दर पांडेय की रिपोर्ट
दुर्गावती(कैमूर)-- प्रखंड अंतर्गत जमुरनी गांव में दीनानाथ ब्रह्म जी महोत्सव इस वर्ष भी पारंपरिक उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। कार्तिक एकादशी के शुभ अवसर पर यह महोत्सव गाँववासियों के लिए सामाजिक और धार्मिक महत्त्व रखता है। प्रातःकाल प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ,पुरुष और युवतियाँ शामिल हुईं। इसके उपरांत दीनानाथ ब्रह्म जी के स्थान पर हवन-पूजन, कीर्तन तथा सामूहिक परिक्रमा की गई। सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर महोत्सव की शोभा बढ़ाई। आयोजन स्थल जमुरनी गांव के उत्तर दिशा में लगभग 10 एकड़ के बगीचे में, कर्म नशा नदी के तट पर स्थित है, जहाँ दीनानाथ ब्रह्म जी का स्थान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, दीनानाथ ब्रह्म जी,व तेजमति मैया , एवं परायण ब्रह्म जी व दलजीरा मैया ने इस स्थल पर जीवित समाधि ली थी। तभी से, कार्तिक एकादशी को ग्रामीणजन धार्मिक परंपरा के अनुसार महोत्सव आयोजित करते आ रहे हैं। इस दिन गाँव के पुरुष, महिलाएँ, विशेषकर बहन-बेटियाँ उत्साहपूर्वक परिक्रमा में भाग लेती हैं एवं सामूहिक पूजा-अर्चना करती हैं। महोत्सव गाँव की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, जिसमें सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो अपनी श्रद्धा और समाजिक सहभागिता को दर्शाती हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यहाँ आकर दर्शन, पूजन एवं प्रसाद ग्रहण करने से सर्वसुख, शांति एवं मंगल की प्राप्ति होती है। जीवित समाधि की ऐतिहासिक मान्यताओं और निरंतर पूजा-पाठ की परंपरा ने इस स्थान को स्थानीय आस्था का केंद्र बना रखा है। महोत्सव के आयोजन से गाँव में समरसता, एकजुटता और धार्मिक चेतना का संचार होता है, जिससे पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा सुचारु रूप से चलती आ रही है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि जमुरनी गांव की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान में भी अहम भूमिका निभाता है।


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