भिवंडी में राकांपा ( अजीत गट) का एकला चलों,अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी

महायुति में दिखने लगी दरार....


भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका चुनाव का बिगुल बज चुका है। मनपा प्रशासन द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी को मतगणना कर नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया के तहत भिवंडी मनपा क्षेत्र में सात निर्वाचन केंद्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों पर 23 दिसंबर, मंगलवार से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

इसी बीच भिवंडी की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) ने भिवंडी मनपा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। राकांपा (अजीत गुट) के भिवंडी शहर जिला अध्यक्ष प्रवीण पाटिल ने यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी गठबंधन के बिना चुनावी मैदान में उतरेगी। मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में प्रवीण पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि राकांपा (अजीत गुट) भिवंडी मनपा चुनाव में 34 से 40 उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। उन्होंने कहा कि इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के पूर्व नगरसेवक भी शामिल होंगे। ऐसे इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं को जल्द ही पार्टी में प्रवेश दिलाया जाएगा। प्रवीण पाटिल ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में उनकी छवि, सामाजिक कार्यों में योगदान और जनता के बीच पकड़ को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और भिवंडी शहर में राकांपा एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है। राकांपा (अजीत गुट) के इस फैसले के बाद भिवंडी में महायुति के भीतर मतभेद के संकेत मिलने लगे हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अकेले चुनाव लड़ने के निर्णय से महायुति के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं, जिसका असर आगामी मनपा चुनाव के परिणामों पर भी पड़ सकता है,तीन वर्षों के प्रशासकीय शासन के बाद हो रहे भिवंडी मनपा चुनाव पहले से ही काफी अहम माने जा रहे हैं। ऐसे में राकांपा (अजीत गुट) का यह फैसला चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन प्रक्रिया और आगामी राजनीतिक हलचलों पर टिकी हुई हैं।

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