भिवंडी मनपा चुनाव में दिग्गजों की हार, नए चेहरों की जीत ने बदला सियासी समीकरण
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jan 16, 2026
- 135 views
भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव में इस बार मतदाताओं ने कई चौंकाने वाले फैसले सुनाए हैं। जहां बड़ी संख्या में नए चेहरे जीतकर सामने आए हैं, वहीं कई दिग्गज नेताओं और प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है कि इस बार जनता ने नाम और कद से ज्यादा स्थानीय मुद्दों और प्रत्याशियों की पकड़ को तवज्जो दी है।
सबसे चर्चित हारों में भिवंडी पश्चिम विधानसभा से भाजपा विधायक महेश चौघुले के सुपुत्र मित महेश चौघुले की हार शामिल है। प्रभाग क्रमांक 01 (क) से कोणार्क विकास आघाड़ी द्वारा समर्थित प्रत्याशी एडवोकेट मयुरेश विकास पाटिल ने मित चौघुले को 1697 मतों से पराजित किया। मित चौघुले को 5772 वोट मिले, जबकि एडवोकेट मयुरेश पाटिल ने 7469 मत हासिल कर जीत दर्ज की।
इसी तरह समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व उपमहापौर अहमद हुसैन सिद्दीकी को भी करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। वे प्रभाग 2 (अ) और प्रभाग 4 (क) से अपने दोनों पुत्र आमीर और आवेश सिद्दीकी को चुनाव मैदान में थे, लेकिन दोनों ही सीटों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के उम्मीदवारों से हार गए। सिद्दीकी की हार को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
शिवसेना के पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे के भाई संजय लक्ष्मण म्हात्रे भी चुनावी मैदान में सफल नहीं हो सके। प्रभाग 9 (अ) से शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रत्याशी संजय म्हात्रे को कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार तारिक अब्दुल बारी मोमिन ने 9054 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। यह जीत कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।वहीं प्रभाग 3 (अ, ब, क, ड) में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (एकतावादी) के पूर्व नगरसेवक निकम विकास के पूरे पैनल को कांग्रेस पार्टी के पैनल के हाथों हार का सामना करना पड़ा। आरपीआई (एकतावादी) का पूरा पैनल हारना स्थानीय राजनीति में एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
भाजपा को एक और बड़ा झटका तब लगा, जब पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष, मनपा में पूर्व विरोधी पक्ष नेता और प्रभाग 22 से उम्मीदवार श्याम अग्रवाल चुनाव हार गए। उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार नितेश नामदेव ऐनकर ने बेहद रोमांचक मुकाबले में महज 21 मतों से पराजित किया। श्याम अग्रवाल को 6054 वोट मिले, जबकि नितेश ऐनकर ने 6075 मत हासिल कर जीत दर्ज की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि भिवंडी की जनता ने इस बार परंपरागत राजनीति से हटकर मतदान किया है। नए चेहरों को मौका देने और कुछ पुराने, स्थापित नेताओं को नकारने का यह संदेश आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भी अहम संकेत माना जा रहा है।


रिपोर्टर