कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करने हेतु सीयूएसबी में पॉश अधिनियम पर कार्यशाला*

जिला ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट 

गया(बिहार)-- दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) द्वारा कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करने हेतु बनाए गए पॉश अधिनियम, 2013 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू), नई दिल्ली के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोग की कैम्पस कॉलिंग पहल के अंतर्गत  पॉश  अधिनियम, 2013 के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बिहार राज्य महिला आयोग (बीएसडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष श्रीमती अप्सरा मिश्रा ने अपने संबोधन में आयोग की कार्यप्रणाली (मोडस ऑपरेंडी) पर प्रकाश डालते हुए महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न पहलुओं को साझा किया। श्रीमती मिश्रा ने यौन उत्पीड़न के मामलों के निवारण हेतु बिहार राज्य महिला आयोग द्वारा की गई विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के लिए इस कानून के बेहतर क्रियान्वयन हेतु व्यापक स्तर पर संवेदनशीलता की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती श्यामा सिंह भी उपस्थित थीं और उन्होंने भी आयोग के क्रियाकलापों से प्रतिभागियों को अवगत कराया ।


अपने अध्यक्षीय संबोधन में सीयूएसबी के कुलपति प्रो. के. एन. सिंह ने कहा कि यह परिसर सभी के लिए सुरक्षित है तथा विश्वविद्यालय द्वारा विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने इस तथ्य पर भी जोर दिया कि ऐसे कानूनों के बावजूद समाज से महिलाओं के यौन उत्पीड़न को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सका है, इसलिए समाज में महिलाओं के प्रति हमारे सामाजिक मूल्यों और दृष्टिकोण में परिवर्तन की तत्काल आवश्यकता है। प्रो. सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान भारत को ‘विकसित भारत’ की ओर ले जाएगा | हम सबको महिलाओं के सम्मान करने के साथ - साथ उनकी समुचित सुरक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए  ।


जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सीयूएसबी की आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि त्रिपाठी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने समिति के महत्व और भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। आईसीसी सीयूएसबी की सदस्य डॉ. पूनम कुमारी ने विश्वविद्यालय परिसर में पॉश अधिनियम के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने हेतु छात्रों के लिए आयोजित भाषण प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन आईसीसी की सदस्य डॉ. चेतना जयसवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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