संत रविदास जयंती पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम, समाज को दी गई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक जानकारी

संवाददाता प्रेम कुमार की रिपोर्ट 

गया-- विश्व हिंदू परिषद कार्यालय भुसुंडा महाराणा प्रताप नगर, चंदौती देवी स्थान मंदिर, वीर कुंवर सिंह नगर, बेलागंज प्रखंड सहित विभिन्न स्थानों पर संत रविदास जयंती के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने संत रविदास जी के जीवन, विचार और समाज सुधार में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री सूरज प्रताप जी ने कहा कि आज कुछ राजनेता दलित समाज को राजनीतिक स्वार्थ के लिए कठपुतली की तरह प्रयोग कर रहे हैं, जो मानसिक गुलामी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संत रविदास दलित समाज के प्रमुख समाज सुधारक थे और उनका जीवन आत्मसम्मान, संस्कृति और धर्म की रक्षा का प्रतीक है।

उन्होंने चमार शब्द की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, चंवर वंश और चर्ममारी राजवंश के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि इस विषय पर कई विद्वानों ने शोध किया है। साथ ही उन्होंने संत रविदास जी और सुल्तान सिकंदर लोदी से जुड़े प्रसंगों का भी उल्लेख किया।

वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन में धर्म, संस्कृति और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष किया और कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। उन्होंने वर्तमान समय में समाज को एकजुट रहने और विभाजनकारी राजनीति से सावधान रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर चंदौती खंड में विश्व हिंदू परिषद द्वारा साप्ताहिक सत्संग की शुरुआत भी की गई। कार्यक्रम में दायित्ववान कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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