बुलेट ट्रेन परियोजना: कपिल पाटिल परिवार पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप सांसद सुरेश म्हात्रे पहुंचे अदालत

भिवंडी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन' में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। भिवंडी से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाळ्या मामा ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कपिल पाटील के परिवार पर सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर करोड़ों रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है।

मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के लिए सांसद म्हात्रे स्वयं भिवंडी न्यायालय में उपस्थित थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पाटील परिवार पर धोखाधड़ी के दस्तावेज़ तैयार करने के आरोप लगाए।

सांसद म्हात्रे के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान कपिल पाटील के भतीजे प्रशांत पाटील, देवेश पाटील, सुमित पाटील और बेटे सिद्धेश पाटील नियमो को ताक पर रखकर अनुचित लाभ उठाया। आरोप है कि इन लोगों ने मौजे दिवेअंजुर स्थित सर्वे नंबर 28 की जमीन के लिए फर्जी 'डेवलपमेंट एग्रीमेंट'  बनवाया। इस फर्जीवाड़े के जरिए पहले ही शासन से 20 करोड़ 13 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त किया जा चुका है।

 भ्रष्टाचार यहीं नहीं रुका, जून 2024 में इसी जमीन का पुनर्मूल्यांकन करवाकर शासन से 193 करोड़ रुपये और दिलाने की सिफारिश की गई है।

सांसद सुरेश म्हात्रे ने दस्तावेजों में विसंगतियों को उजागर करते हुए कहा कि जो विकास समझौता 2012 में पंजीकृत दिखाया गया है, उसमें इस्तेमाल किया गया स्टैम्प पेपर 2016 का है। उस समझौते पर प्रशांत पाटील की जो फोटो लगी है, वह 2018 की है।"यह जनता के टैक्स का पैसा है जो प्रभावित किसानों को मिलना चाहिए। हमने इस मामले में अदालत में 156(3) के तहत शिकायत दर्ज की है और संसद में भी इस मुद्दे को उठाएंगे। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, हम चैन से नहीं बैठेंगे।"

इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। सांसद म्हात्रे ने स्पष्ट किया है कि वे जांच और एफआईआर दर्ज होने तक इस कानूनी लड़ाई को जारी रखेंगे।

रिपोर्टर

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