कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों ने बताया औषधीय पौधों के गुण और लाभ
- श्याम नारायण मौर्य, संवाददाता आजमगढ़
- Mar 07, 2026
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आजमगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा, आजमगढ़-I के डॉ. अखिलेश कुमार यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष के नेतृत्व में, वैज्ञानिक डॉ. सुमन देवी ने किसानों को जागरूक करने के लिए औषधि पौध इकाई लगाया आजकल की बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम के लिए तथा छोटी- मोटी बीमारियों के चलते रासायन युक्त दवाओं का अधिक प्रयोग किए जाते हैं भारत में औषधि पौधों की विविधता अत्यंत समृद्ध है यहां कई औषधि प्रजातियां पाई जाती है पारंपरिक रूप से लोग तुलसी हल्दी, एलोवेरा, गिलोय, आंवला आदि का उपयोग घरेलू उपचार के रूप में करते हैं वर्तमान में स्वास्थ्य को देखते हुए औषधि पौधों की खेती प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को एक नए उद्योग के रूप में तथा घरेलू उपचार के लिए किया जाता हैं औषधीय पौधों के प्रमुख उपयोग और लाभ को किसानों एवं अन्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैंI औषधि पौधे और इसके प्रमुख उपयोग- जैसे पत्थरचट्टा, तुलसी, एलोवेरा, हल्दी, हदजोड यह पौधे जैसे हल्दी जीवाणुरोधी होते है इसमें पाए जाने वाले करक्यूमिन छोटे घाव या जलन, संक्रमण, को उपचारित करते है और साथ में सर्दी जुकाम को भी कम करता है तुलसी में राम तुलसी, श्याम तुलसी और वन तुलसी केंद्र पर लगाया गया है तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइन्फ्लेमेटरी जैसे गुण पाए जाते हैं, सर्दी जुकाम, गले के संक्रमण मे लाभकारी है I तुलसी की पत्तियां शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है एवं स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को कम करती हैंI पत्थरचट्टा के पौधे का उपयोग गुर्दे की पथरी के इलाज, हदजोड कमजोर हड्डियों को मज़बूत बनाने तथा लेमनग्रास पाचन सुधारने में उपयोगी हैI


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