डीएम के जनता दरबार में आवेदन दो, कार्यालय के चक्कर काटते रहो
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Mar 16, 2026
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रोहतास ।जिला मुख्यालय सासाराम में आयोजित होने वाले जनता दरबार की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। चेनारी के रहने वाले 82 वर्षीय राही शाहाबादी, जो खुद को स्वतंत्रता सेनानी परिवार का उत्तराधिकारी बताते हैं, का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर जिला पदाधिकारी के जनता दरबार में तीन अलग-अलग आवेदन दिए, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो किसी तरह की कार्रवाई हुई और न ही कोई सूचना दी गई।
आवेदक के अनुसार पहला आवेदन क्रमांक 01210 दिनांक 19 सितंबर 2025, दूसरा आवेदन क्रमांक 01313 दिनांक 26 सितंबर 2025 और तीसरा आवेदन क्रमांक 00989 दिनांक 23 फरवरी 2026 को जमा किया गया था। इन सभी आवेदनों की पावती रसीद उनके पास मौजूद है, लेकिन अब तक उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उनका आवेदन किस स्तर पर और क्यों लंबित है।
दरअसल, सरकार की मंशा के अनुसार जिला, प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर सप्ताह में दो दिन—सोमवार और शुक्रवार—जनता दरबार के जरिए आम लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाना है। लेकिन आवेदक का कहना है कि जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई देती है। साथ ही आवेदक ने बताया कि कई बार जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अन्य अधिकारी आवेदन ले लेते हैं और आठ दिनों में कार्रवाई या सूचना देने का आश्वासन देते हैं, लेकिन बाद में कोई जवाब नहीं मिलता।
वहीं राही शाहाबादी का कहना है कि हमलोग अपना समय और पैसा खर्च कर जिला मुख्यालय तक पहुंचते हैं, उम्मीद होती है कि कहीं नहीं तो यहां समस्या का समाधान मिलेगा, लेकिन महीनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने से सरकार के शासन व्यवस्था से भरोसा टूट रहा हैं।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले के समय में तत्कालीन जिला पदाधिकारी नवीन कुमार जनता दरबार में स्वयं मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुनते थे और कई मामलों का समाधान मिनटों में कर देते थे। आज भी लोग उसी उम्मीद से समाहरणालय में आते हैं। अ लोगों का कहना हैं कि प्रशासन इस व्यवस्था को फिर से प्रभावी बनाए, ताकि जनता दरबार वास्तव में आम लोगों के लिए राहत का मंच बन सके, न कि सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया।


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