बाल विवाह के विरुद्ध एकजुट हुआ कमरौली पंचायत, सर्वाइवर्स ने साझा की अपनी दास्तां

ब्यूरो चीफ अंकित कुमार की रिपोर्ट 

शिवहर-- 17 मार्च 2026 जिले के पिपराही प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज कमरौली में आज बाल विवाह की कुप्रथा को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुखिया आलोक कुमार एवं अन्य पंचायत जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाल विवाह की मार झेल चुकी 'सर्वाइवर्स' ने अपनी आपबीती साझा कर समाज को जागरूक किया।

सर्वाइवर्स बनीं बदलाव की मशाल

कार्यशाला में मौजूद महिलाओं ने कम उम्र में विवाह होने के दुष्परिणामों और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने न केवल अपनी पीड़ा को शक्ति बनाया, बल्कि अपने समुदाय में सक्रिय होकर कई बाल विवाहों को रुकवाया भी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली।

एक साल में जिला होगा बाल विवाह मुक्त

यह आयोजन बिहार ग्राम विकास परिषद के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर परिषद ने संकल्प जताया कि सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आगामी एक वर्ष के भीतर शिवहर जिले को 'बाल विवाह मुक्त' घोषित करने का लक्ष्य है।

"हमारा विशेष ध्यान शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं (टेंट, बैंड, पुरोहित आदि) पर है, ताकि इस सामाजिक अपराध को जड़ से खत्म किया जा सके।"

कानूनी प्रावधानों पर जोर

परिषद की सदस्य कोमल कुमारी ने समुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के सख्त नियमों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

बाल विवाह में शामिल होना या सहायता करना (मेहमान, कैटरर, सजावट वाले, पुरोहित) कानूनन अपराध है।

इस अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है।

उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समन्वयक अनिल कुमार, कोमल कुमारी, मुखिया आलोक कुमार, वार्ड सदस्य, माता समूह की सदस्य, बुक कीपर, स्थानीय बालिकाएं और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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