केबलों के मकड़जाल में कैद भिवंडी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jun 04, 2026
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उड़ान पुल से लेकर पूरे शहर तक फैला खतरा, प्रशासन मौन
भिवंडी। भिवंडी शहर में अवैध रूप से बिछाई गई टीवी और इंटरनेट केबलों का जाल अब गंभीर नागरिक समस्या का रूप ले चुका है। शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और विशेष रूप से स्वर्गीय राजीव गांधी उड़ान पुल क्षेत्र में बिजली के खंभों और स्ट्रीट लाइट पोलों पर फैली केबलें मकड़जाल जैसी स्थिति पैदा कर रही हैं। इसके बावजूद मनपा के विद्युत विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से नागरिकों में भारी नाराजगी व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, शहर में विभिन्न केबल और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं ने बिना किसी सुव्यवस्थित योजना के मनपा के स्ट्रीट लाइट पोलों का उपयोग करते हुए अपने तार बिछा दिए हैं। वर्षों से इन तारों का विस्तार लगातार बढ़ता गया, जिसके कारण आज कई क्षेत्रों में आसमान की ओर नजर डालते ही तारों का घना जाल दिखाई देता है। सबसे चिंताजनक स्थिति स्व.राजीव गांधी उड़ान पुल के कल्याण नाका क्षेत्र में देखने को मिलती है, जहां यह इलाका केबल नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन गया है। उड़ान पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट खंभों पर भी बड़ी संख्या में केबलें अवैध रूप से लटकाई गई हैं। कई स्थानों पर तार नीचे झूलते नजर आते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अतीत में केबल टूटकर गिरने और बिजली के संपर्क में आने जैसी घटनाओं के कारण लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से न तो नियमित निरीक्षण किया जाता है और न ही अवैध केबल नेटवर्क हटाने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया जाता है। नागरिकों का आरोप है कि जब भी इस मुद्दे पर मनपा के विद्युत विभाग के अधिकारियों से जानकारी मांगी जाती है, तो अधिकारी जिम्मेदारी से बचते हुए एक-दूसरे पर जवाबदेही डाल देते हैं। परिणामस्वरूप समस्या जस की तस बनी हुई है और शहर की सुंदरता तथा सुरक्षा दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने मांग की है कि मनपा प्रशासन तत्काल सर्वेक्षण कर अवैध रूप से बिछाई गई केबलों की पहचान करे तथा संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तारों को व्यवस्थित करने की योजना लागू करे। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन कठोर कदम नहीं उठाएगा, तब तक भिवंडी शहर केबलों के इस खतरनाक मकड़जाल में उलझा रहेगा। टीवी और इंटरनेट केबलों के इस बेतरतीब फैलाव पर प्रशासन कब अंकुश लगाएगा और नागरिकों को इस संभावित खतरे से कब राहत मिलेगी। फिलहाल यह समस्या शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।


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