नल जल योजना बना शोभा की वस्तु कुदरा नगर पंचायत में नल-जल योजना ठप, 4-5 वर्षों से लोगों के घर नहीं पहुंचा पानी
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jul 14, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट
कैमूर----- बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना कुदरा नगर पंचायत के कई वार्डों में दम तोड़ती नजर आ रही है। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 6, 11, 12 और 15 के लोगों ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। कई स्थानों पर वर्षों पहले पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ, लेकिन न तो काम पूरा हुआ और न ही घरों तक पानी पहुंच सका। इससे लोगों को भीषण गर्मी में पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड संख्या 11 एवं 12 के निवासी धनंजय कुमार पांडे और विशाल रस्तोगी ने बताया कि लगभग पांच वर्ष पूर्व ड्रिल मशीन से सड़क किनारे गड्ढे कर पाइपलाइन बिछाने की तैयारी की गई थी, लेकिन उसके बाद कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। आज तक न तो पाइप लगाए गए और न ही जलापूर्ति शुरू हो सकी। उनका कहना है कि योजना केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
वहीं वार्ड संख्या 15 के निवासी मोहम्मद सनउअर, फरीदा बेगम एवं मोहम्मद आरिफ फारुकी ने बताया कि उनके क्षेत्र में 4-5 वर्ष पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन और अन्य संरचनाएं बनाई गई थीं, लेकिन आज तक एक दिन भी नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कई बार नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी ने समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया।
नगरवासियों का कहना है कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अब केवल दिखावा बनकर रह गई है। जगह-जगह पाइपलाइन और ढांचे तो दिखाई देते हैं, लेकिन लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को निजी चापाकलों और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
इधर वार्ड संख्या 6 एवं 7 के लिए स्थापित पानी टंकी के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे कमलेश कुमार ने बताया कि कुदरा थाना के समीप स्थित पानी टंकी पिछले 5-6 दिनों से पूरी तरह बंद है। उन्होंने कहा कि वे कई महीनों से टंकी का संचालन कर रहे हैं, लेकिन उनका नाम अब तक नगर पंचायत में अधिकृत टंकी ऑपरेटर के रूप में दर्ज नहीं किया गया है और उन्हें किसी प्रकार का भुगतान भी नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि टंकी की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी आने की शिकायतें मिलती हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बना हुआ है।
मामले को लेकर जब मोहनिया के एसडीएम से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल बातचीत कर समस्या की जांच कराई जाएगी तथा शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
अब नगरवासियों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। उनका कहना है कि हर घर नल-जल योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब लोगों के घरों तक नियमित और स्वच्छ पेयजल पहुंचे।


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