अंबरनाथ लोकल में सीट को लेकर लगेज डिब्बे में खूनी संघर्ष
- Rohit R. Shukla, Journalist
- Jul 16, 2026
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कल्याण । मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार देर रात अंबरनाथ की ओर जा रही लोकल ट्रेन के लगेज डिब्बे में सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दो समूहों के बीच हुई हिंसक मारपीट में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने लोहे के कड़े से हमला किया, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और डिब्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंबरनाथ जाने वाली लोकल के लगेज कोच में सीट पर बैठने को लेकर दो समूहों के बीच पहले कहासुनी हुई। कुछ ही मिनटों में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। धक्का-मुक्की के बाद जमकर मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि एक युवक ने अपने हाथ में पहने लोहे के कड़े से दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस हिंसा से डिब्बे में मौजूद यात्री घबरा गए। कई यात्रियों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, जबकि कुछ ने तुरंत रेलवे प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।
इस हमले में राजू वाघे (19), साहिल खंदारे (19) और प्रीतेश कनोजिया (31) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद से घायलों को कल्याण स्थित रुक्मिणीबाई अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद राजू वाघे और साहिल खंदारे की हालत नाजुक बताते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंबई के सायन अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि प्रीतेश कनोजिया का उपचार जारी है।
घटना के बाद मारपीट की रक्तरंजित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। तस्वीरों में डिब्बे के भीतर फैला खून और घायल यात्रियों की हालत साफ दिखाई दे रही है। इन तस्वीरों ने लोकल ट्रेनों में बढ़ती हिंसा और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूचना मिलते ही कल्याण रेलवे पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस दोनों पक्षों की पहचान कर पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विवाद में और कितने लोग शामिल थे तथा मारपीट के दौरान इस्तेमाल की गई वस्तु किसकी थी।
गौरतलब है कि मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में सीट को लेकर विवाद की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। भीड़भाड़ के बीच छोटी-छोटी कहासुनी कई बार हिंसक रूप ले लेती है। ताजा घटना ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने लोकल ट्रेनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को उजागर कर दिया है।


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