आस्था का उमडा जनसैलाब, भोलेनाथ के गले के श्रृंगार की पूजा


संवाददाता पारस नाथ दुबे


डेहरी रोहतास। सोमवार को नाग पंचमी का पर्व पूरे डेहरी क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस बार संयोग और भी खास है क्योंकि नाग पंचमी सोमवार को पड़ी है, जिसे भोलेनाथ का दिन माना जाता है।


*मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब*  

डेहरी के नाग मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। डेहरी क्षेत्र में पड़ने वाले बाक गांव में स्थित मंदिर। मे श्रद्धालुओं का भीड लगा हुआ है नाग देवता को दूध, लावा और फूल अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि आज के दिन नाग देवता की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और सर्पभय से मुक्ति मिलती है।


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नाग पंचमी पर कई लोग आज व्रत रख रहे हैं। इस दिन नमक न खाने की परंपरा है। व्रत के बाद प्रसाद में सबसे ज्यादा धूम जलेबी की है। भारत की राष्ट्रीय मिठाई आज हर घर में खाने का माहौल बन गया है।


  

पौराणिक मान्यता के अनुसार नाग भगवान शिव के गले का आभूषण हैं। इसलिए जब सोमवार और नाग पंचमी एक साथ आते हैं तो इसे बहुत शुभ माना जाता है। भक्तों का मानना है कि इस संयोग में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।


आज का दिन आस्था, प्रकृति और परंपरा के संगम का प्रतीक है। हर तरफ "हर हर महादेव" और "नाग देवता की जय" के जयकारे गूंज रहे हैं।

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